गलवान में भारत एवं चीन के मध्य में कोई संघर्ष नहीं हुआ ! – भारतीय सेना
- इस प्रकार के असत्य समाचार देकर लोगों के मन में भय निर्माण करने तथा भारतीय सेना को असत्य सिद्ध करने का प्रयास करने वाले ऐसे दैनिक समाचार पत्रों के विरुद्ध कार्रवाई की जाए, ऐसा किसी को लगा तो आश्चर्य नहीं होना चाहिए !
- भारत में राष्ट्रविरोधी प्रसार माध्यमों की न्यूनता नहीं है । उनके विरुद्ध कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है, इसलिए ‘ हमारा कोई भी कुछ भी बिगाड नहीं कर सकता’, ऐसी उनमें उद्दण्ड वृत्ति निर्माण हुई है । यदि शांतिकाल में ऐसा होता है, तो यह न सोचना ही अच्छा होगा कि युद्ध के समय में ये देशद्रोही प्रसार माध्यम किस प्रकार का वृत्तांत लेखन करेंगे !
नई देहली: भारतीय सेना ने ‘द हिंदू’ के इस समाचार का खंडन किया है कि, गलवान घाटी में भारतीय एवं चीनी सैनिकों के मध्य में एक बार पुनः संघर्ष हुआ है । भारतीय सेना ने एक निवेदन प्रसारित कर इस संबंध में स्थिति स्पष्ट की है ।
भारतीय सेना ने कहा कि २३ मई को, ‘द हिंदू’ ने “गलवान घाटी में चीनी सैनिकों के साथ संघर्ष” ऐसा एक बडा वृत्त प्रकाशित किया था । इस संदर्भ में हम स्पष्ट करते हैं कि मई २०२१ के पहले सप्ताह में पूर्वी लद्दाख की गलवान घाटी में भारतीय एवं चीनी सैनिकों के मध्य में ऐसा कोई संघर्ष नहीं हुआ था । पूर्वी लद्दाख में समस्याओं का शीघ्र निराकरण हो, इसलिए प्रक्रिया चल रही है । जब तक किसी सेना अधिकारी या आधिकारिक स्रोत द्वारा कोई सूचना नहीं दी जाती है, तब तक प्रसार माध्यमों द्वारा कोई समाचार प्रकाशित नहीं किया जाना चाहिए ।
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