शत्रु देश के आक्रमण को तत्काल प्रतिउत्तर कैसे देना चाहिए, यह भारत इस्रायल से सीखेगा क्या ?
येरूसलेम (इस्रायल) – इस्रायल और फिलिस्तीन ने एक दूसरे पर आक्रमण चालू किया है । १० मई के दिन ‘हमास’ ने इस्रायल की दिशा में १०० मिसाईल दागी थी । इसका इस्रायल द्वारा दिए प्रतिउत्तर में फिलिस्तीन के २० नागरिक मारे गए हैं, और ६५ से अधिक लोग घायल हुए हैं । ‘देश बडे सामर्थ्य से प्रति उत्तर देगा’, ऐसा इस्रायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतान्याहू ने कहा है ।
इस्रायल और फिलिस्तीन के बीच विवाद
इस्रायल ने वर्ष १९६७ में मध्यपूर्व के युद्ध के बाद येरूसलेम को कब्जे में लिया था ` । इसके बाद इस्रायल ने यह भाग ‘यहूदी लोगों का देश’ कहकर घोषित किया था । तबसे फिलिस्तीनी नागरिक इस्रायल के विरोध में संघर्ष कर रहे हैं । अब इस्रायल ने येरूसलेम में रहनेवाले फिलिस्तीनी नागरिकों को ही बाहर निकालना प्रारंभ किया है ।
POK Protests : पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (POK) पाकिस्तान का भाग नहीं है और यदि दमन बंद नहीं हुआ, तो हम भारत के साथ चले जाएंगे !
कोंकण क्षेत्र की देवराई भूमियों को ‘सरकार जमा’ करने की कार्यवाही की जांच कीजिए – राजस्वमंत्री ने उपसचिव को दिया निर्देश
शनिशिंगणापुर स्थित श्री शनिदेव की मूर्ति के संवर्धन हेतु वज्रलेपन किया जाएगा ।
Tuljabhavani Temple : श्री तुलजाभवानी देवी की ४ सहस्र एकड भूमि के घोटाले की सघन जांच करें !
(और इनकी सुनिए…) ‘ वर्तमान काल में वैकुंठगमन इत्यादि कहना मुझे स्वीकार्य नहीं है, यह विशिष्ट वर्ग द्वारा थोपी गई बातें हैं । ’- Sharad Pawar
आलंदी (जिला पुणे) बसस्थानक में प्लैटफॉर्म के नाम के फलक गायब