पैसे देकर जल्द अंतिम संस्कार होने का आरोप
ऐसा हो रहा होगा, तो यह मृतकों की चिता पर मख्खन खाने समान है ! ऐसों को कठोर से कठोर दंड देने के साथ प्रशासन को अंतिम संस्कार के लिए अधिक सुविधाएं निर्माण करनी चाहिए !

नई दिल्ली – देश में कोरोना के कारण चिंताजनक स्थिति निर्माण हुई है । पिछले २४ घंटे में मरीजों की संख्या में विक्रमी बढोतरी हुई है । अनेक कोरोना ग्रस्त लोगों की मृत्यु हो रही है । इन मृत हुए लोगों के परिवार वालों द्वारा उनके शवों की ओर नजर अंदाज करने की घटनाएं हो रही हैं । इस कारण अस्पतालों में मृतदेह पडे हुए हैं । सूरत में कोरोना ग्रस्त लोगों के अंतिम संसकार के लिए बहुत समय तक राह देखनी पड रही है और श्मशान भूमि के बाहर एम्ब्युलेंस की लंबी लंबी कतारें लगने की जानकारी मिल रही है । श्मशान भूमि में अंतिम संस्कार के लिए मृतदेह आते हैं; लेकिन वर्तमान में कोरोना मरीजों की मृत्यु की मात्रा अधिक होने से अंतिम संस्कार के लिए अधिक समय तक राह देखनी पड रही है । शहर के अश्विनीकुमार श्मशान भूमि में पैसे लेकर जल्द अंतिम संस्कार करने का मामला सामने आया है, ऐसा कहा जा रहा है ।
सामाजिक कार्यकर्ता हरीश गुज्जर ने आरोप किया कि, अंतिम संस्कार के लिए कतार में अनेक घंटे न खडा रहना पडे इसलिए १ सहस्र ५०० से २ सहस्र रुपए देने पडेंगे, ऐसा कुछ लोग मृत व्यक्तियों के रिश्तेदारों को बता रहे हैं । शहर में एक समय पर २५ लोगों का अंतिम संस्कार हो सके, इसके लिए तैयारी शुरू है ।
ब्राजील में कब्र से पुराने मुर्दे निकालकर नए मृतदेहों के लिए जगह बनाई जा रही है !
ब्राजील में कोरोना मरीजों की मृत्यु की मात्रा अधिक है । सबसे बडे शहर साओ पावलो में कोरोना मरीजों की मृतदेह दफन करने के लिए कब्रिस्तान में अब जगह नही बची है । इस कारण कर्मचारियों द्वारा कब्र से पुराने मुर्दे बाहर निकालकर उस स्थान पर नए मृतदेहों के लिए जगह तैयार की जा रही है । पिछले एक सप्ताह में ब्राजील में लगभग ६० सहस्र लोगों की मृत्यु हुई है ।
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(और इनकी सुनिए…) ‘ वर्तमान काल में वैकुंठगमन इत्यादि कहना मुझे स्वीकार्य नहीं है, यह विशिष्ट वर्ग द्वारा थोपी गई बातें हैं । ’- Sharad Pawar
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