३५ सांसदों ने एक भी प्रश्न नहीं पूछा !
अब संसद में उपस्थिति के आधार पर ही इन सांसदों को वेतन एवं अन्य भत्ते दिए जाने चाहिए । जो बिना किसी कारण के अनुपस्थित रहते हैं, उनसे अर्थदंड भी लिया जाना चाहिए !

नई दिल्ली : संसद के कार्य पर ध्यान रखने वाली ‘पीआर्एस् इंडिया’, इस संस्था ने सर्वेक्षण के आधार पर कहा है कि, ‘मात्र १५ सांसदों की लोकसभा में १०० प्रतिशत उपस्थिति है, जबकि ३५ सांसदों ने एक भी प्रश्न नहीं पूछा है । उनमें से पांच ने कभी चर्चा में भाग नहीं लिया अथवा एक भी निजी विधेयक प्रस्तुत नहीं किया ।’ दूसरी ओर, यह सूचना सामने आई है कि, ९ ऐसे सांसद हैं जिनमें से प्रत्येक ने २५० से अधिक प्रश्न पूछे हैं । जिन सांसदों ने १ जून २०१९ से १३ फरवरी २०२१ के दौरान एक भी प्रश्न नहीं पूछा, उनमें कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, समाजवादी पार्टी के अखिलेश यादव, मुलायम सिंह यादव तथा भाजपा के एस.एस. अहलूवालिया, पूर्व मंत्री राधमोहन सिंह जैसी हस्तियां सम्मिलित हैं । प्रश्न न पूछने वालों में १७ भाजपा के सदस्य हैं ।
१. १०० प्रति शत उपस्थित रहने वाले १५ सांसदों में से ११ भाजपा के हैं तथा द्रमुक एवं जनता दल (संयुक्त) के प्रत्येक २ सदस्य हैं । बसपा के अतुल कुमार सिंह की उपस्थिति सबसे अल्प (२%) है । डायमंड हार्बर के अभिषेक बनर्जी की मात्र १२ प्रतिशत उपस्थिति थी तथा उन्होंने केवल एक प्रश्न पूछा । भाजपा के हमीरपुर के सांसद पुष्पेंद्रसिंह चंदेल ने अधिकतम ५१० बार चर्चा में सहभाग लिया ।
२. राष्ट्रवादी कांग्रेस की सांसद, सुप्रिया सुले ने सर्वाधिक २८६ प्रश्न पूछे एवं ४ निजी सदस्यों के विधेयक प्रस्तुत किए । धुले के भाजपा के सुभाष भामरे एवं शिरूर के राष्ट्रवादी कांग्रेस के अमोल कोल्हे, दोनों ने २७७ प्रश्न पूछे । मावल के श्रीरंग बारने ने २५९ प्रश्न पूछे, जबकि मुंबई उत्तर-पश्चिम के गजानन कीर्तिकर ने २५५ प्रश्न पूछे ।
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