अलवर (राजस्थान) में सामूहिक बलात्कार के प्रकरण में ४ दोषियों को आजीवन कारावास का दंड

पुलिस ने प्राथमिकी प्रविष्ट करने में बरती थी ढिलाई !

  • ऐसे लोगों को भरे चौराहे पर फांसी का दंड देना ही उचित होता, ऐसा जनता को लगेगा !
  • ढिलाई बरतनेवाले पुलिसकर्मियों को भी कारागार में डाल देना चाहिए !

अलवर (राजस्थान) – यहां के थानागाजी क्षेत्र में २६ अप्रैल २०१९ को एक विवाहिता के साथ उसके पति के सामने किए गए सामूहिक बलात्कार के प्रकरण में न्यायालय ने ४ लोगों को आजीवन कारावास, तो एक अवयस्क लडके को ५ वर्ष का दंड सुनाया है । छोटे लाल (आयु २२ वर्ष), हंस लाल गुर्जर (आयु २२ वर्ष), अशोक कुमार गुर्जर (आयु २० वर्ष), इंद्रज सिंह गुर्जर (आयु २२ वर्ष) और एक अवयस्क लडके आदि को यह दंड सुनाया गया है । (२० से २२ वर्ष के युवक और एक अवयस्क लडका बलात्कार का कृत्य करते हैं, इससे आज की पीढी किस स्तरतक पहुंची है, यह ध्यान में आता है । इसके लिए समाज को उचित संस्कार न देनेवाले अबतक के शासक ही उत्तरदायी हैं ! – संपादक) इन दोषियों ने बलात्कार का चित्रीकरण कर उसका वीडियो प्रसारित किया था । तत्पश्चात उनके विरुद्ध जनआक्रोश उठनेपर उनके विरुद्ध अपराध प्रविष्ट करने की कार्यवाही की गई थी । इस प्रकरण में ढिलाई बरतनेवाले पुलिस अधिकारी को निलंबित किया गया था । उसके पास शिकायत करने के उपरांत भी उसने अपराध प्रविष्ट नहीं किया था, साथ ही संबंधित पुलिसकर्मियों पर भी कार्यवाही कर उनका स्थानांतरण किया गया था । (ऐसे लोगों का स्थानांतरण करने का अर्थ है उन्हें दूसरे स्थानपर भेजकर वहां भी इसी प्रकार का कृत्य करने की एक प्रकार से खुली छूट देना है ! ऐसे लोगों के विरुद्ध भी कठोर कार्यवाही होनी चाहिए ! – संपादक)

यह महिला जब अपने पती के साथ दोपहिया वाहन से जा रही थी, तब इन दोषी युवकों ने उन्हें रोककर उनके साथ मारपीट की, साथ ही महिला के साथ बलात्कार का प्रयास किया । उसने जब विरोध किया, तब उन्होंने उसके पति के साथ मारपीट करना आरंभ कर दिया । तत्पश्चात उसने पति की रक्षा हेतु प्रतिकार करना बंद कर दिया, तब दोषियों ने उसके साथ सामूहिक बलात्कार किया ।