गत अनेक वर्षाें से देश में और महाराष्ट्र में सहस्रों की संख्या में किसानों की आत्महत्याएं न रोकी जाना अभी तक के सभी शासकों के लिए लज्जाजनक ! यह स्थिति हिन्दू राष्ट्र की अनिवार्यता दर्शाती है !


नई देहली – ‘नेशनल क्राइम रेकॉर्ड्स ब्यूरो’ के (‘एन.सी.आर.बी.’के) ब्यौरे से ज्ञात हुआ है कि, वर्ष २०१९ में महाराष्ट्र और कर्नाटक में देश के किसानों ने आत्महत्या की है । इस अवधि में राज्य में भाजपा प्रणित गठबंधन सरकार थी । इसके अतिरिक्त देश में औसतन किसानों की आत्महत्या की संख्या न्यून हुई हैं, यह भी इस ब्यौरे में कहा गया है । विशेषतः उत्तराखंड, चंडीगढ, देहली, बिहार, मणिपुर, बंगाल, ओडिशा, दमन और दीव, लक्षद्वीप एवं पद्दुचेरी आदि राज्य और केंद्रशासित प्रदेशों में किसानों की आत्महत्या का एक भी प्रकरण नहीं है ।
महाराष्ट्र में वर्ष २०१९ में ३ सहस्र ९२७ किसान और कृषि मजदूरों ने आत्महत्या की थी । वर्ष २०१८ की तुलना में (३ सहस्र ५९४) वर्ष २०१९ में अधिक किसानों की आत्महत्याएं हुई हैं ।
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