जम्मू-कश्मीर, खालिस्तान और अब केरल में स्वतंत्र राज्य की मांग करना स्वतंत्रता
के पश्चात अभी तक के नेताआें की असफलता को दर्शाता है, ऐसा किसी को लगे, तो आश्चर्य कैसा ?

कोच्चि (केरल) – वर्ष १९२१ में हुए तथाकथित ‘मोपला विद्रोह’ (जिसे तथाकथित इतिहासकारों और राजनेताआें ने अपनी सुविधा के अनुरूप ‘खिलाफत आंदोलन’ नाम दिया है ।) की ९९ वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में केरल के जिहादियों द्वारा ‘स्वतंत्र मलबार’ राज्य की मांग जोर पकड रही है । मुस्लिम लीग से संबंधित ‘मुस्लिम युथ लीग’ ने यह घोषणा की है कि वर्ष २०२१ में आनेवाले ‘मोपला विद्रोह’ के शताब्दी उत्सव में यह हमारी प्रमुख मांग रहेगी । ‘मलबार’ राज्य में मुसलमान ही बहुसंख्यक होंगे । ‘मोपला’ के नाम से जाने जानेवाले धर्मांधों द्वारा की गई हिंसा में सहस्रों हिन्दुआें की हत्या की गई थी, तो उससे अधिक हिन्दुआें का बलपूर्वक धर्मांतरण किया गया था । (२४.८.२०२०)
(और इनकि सुनिए) “भाजपा द्वारा फैलाए गए जहर के कारण देश का बहुसंख्यक समाज विषैला हो गया है !” – Samajwadi Party MP Javed Ali
अब डॉक्टर की पर्ची के बिना कोई भी सिरप नहीं मिलेगा !
IAF Officer Wife Rape : वायुसेना के अधिकारी की पत्नी के साथ दुष्कर्म, २ आरोपियों को ५ दिन की पुलिस की निगरानी ( हिरासत )
भारत हिन्दू बहुल देश होकर भी धर्मनिरपेक्ष । कोई इस्लामी देश धर्मनिरपेक्ष हो, तो बताईए – राजा भैय्या, विधायक, उत्तरप्रदेश
अश्लीलता को बढानेवाले ‘स्टैंडअप कॉमेडी’ कार्यक्रमों के लिए सेंसर बोर्ड की पूर्वानुमति लेना अनिवार्य बनाएं ।
मधुबनी (बिहार) की मस्जिद से मौलाना इजहार को बंदी बनाया गया ।