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राज्य में कोरोना की अनियंत्रित हुई स्थिति की ओर ध्यान आकर्षित करने के लिए मुख्यमंत्री से मिलने हेतु मांगा था समय
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राजासिंह की ओर से मुख्यमंत्री चंद्रशेखर राव के त्यागपत्र की मांग
- तेलंगाना में यदि जनप्रतिनिधियों का ही इस प्रकार से दमन होता है, तो सामान्य जनता की क्या स्थिति होगी, इसपर विचार न करना ही अच्छा !
- तेलंगाना के सत्ताधारी तेलंगाना राष्ट्र समिति के मुख्यमंत्री का लोकतंत्र विरोधी कृत्य !

तेलंगाना – राज्य में कोरोना की अनियंत्रित होती हुई स्थिति की ओर मुख्यमंत्री का ध्यान आकर्षित करने हेतु मुख्यमंत्री से मिलने का समय मांगनेवाले तेलंगाना के प्रखर हिन्दुत्वनिष्ठ तथा भाजपा विधायक टी. राजासिंह को पुलिस प्रशासन ने नजरबंद किया है ।
श्री. राजासिंह ने एक वीडियो के माध्यम से जनता को इसकी जानकारी दी । उन्होंने कहा,
१. कोरोना रोगियों की चिकित्सा करनेवाले तेलंगाना के एकमात्र गांधी चिकित्सालय के प्राथमिकस्तर के आधुनिक वैद्य (डॉक्टर्स) पिछले ३ दिन से आंदोलन चला रहे हैं । उनकी यह मांग है कि ‘मुख्यमंत्री यहां आकर हमारी समस्याओं का समाधान करें ।’ तथापि तेलंगाना के मुख्यमंत्री चंद्रशेखर राव अपने घर में ही बैठे हुए हैं । वे अपने मंत्रियों से भी नहीं मिलते, तो वे इन डॉक्टरों से क्या मिलेंगे ?
२. राज्य में कोरोना संक्रमण की अनियंत्रित होती हुई स्थिति की ओर उनका ध्यान आकर्षित करने हेतु आज भाजपा की ओर से स्वयं मैं, भाजपा के विधानपरिषद के विधायक रामचंद्र राव तथा हमारे पूर्व अध्यक्ष लक्ष्मण ने पत्र लिखकर मुख्यमंत्री से मिलने का समय मांगा । उसके पश्चात मेरे घरपर ३० से ४० पुलिसकर्मी आए और उन्होंने मुझे घरपर ही नजरबंद (हाऊस अरेस्ट) किया ।
३. गांधी चिकित्सालय में एक रोगी का शव ही लापता हुआ । उस शवपर किसी दूसरे परिवार के लोगों ने ही अपने परिजन का शव समझपर अंतिमसंस्कार किया । नरेंद्र सिंह नामक एक कोरोना पीडित व्यक्ति को ३० मई को चिकित्सालय में भर्ती कराया गया; परंतु उसके संदर्भ में किसी को कुछ भी जानकारी नहीं है । गांधी चिकित्सालय में इस प्रकार से ढीला काम चल रहा है तथा यहां की व्यवस्था तहस-नहस हुई है ।
४. चंद्रशेखर राव ने अन्य राज्यों के मुख्यमंत्रियों की भांति होटल, खेल के बडे मैदानों को नियंत्रण में लेकर वहां कोरोना पीडित रोगियों के लिए तात्कालिक चिकित्सालय बनाने चाहिए थे; परंतु उन्होंने वैसा नहीं किया; क्योंकि उन्हें नागरिकों के प्राणों की कोई चिंता नहीं है । अतः ऐसे मुख्यमंत्री को तुरंत त्यागपत्र देना चाहिए ।
५. राज्य के सभी नागरिकों से मेरा यह आवाहन है कि ‘मुख्यमंत्री को सरकारी चिकित्सालयों का अवलोकन कर वहां की गिरती हुई स्थिति की जानकारी लेनी चाहिए’, यह मांग करनेवाले वीडियो बनाकर उन्हें सर्वत्र प्रसारित करने चाहिए ।
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