Bengal Solar Scam : बंगाल सौर ऊर्जा घोटाला प्रकरण में फरार पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष को केरल से बंदी बनाया गया

कोलकाता (बंगाल) – बंगाल में करोडों रुपये के ‘ग्रीन सिटी प्रोजेक्ट’ तथा सौर ऊर्जा परियोजना में कथित वित्तीय घोटाले के प्रकरण में आरामबाग नगरपालिका के पूर्व अध्यक्ष स्वप्न नंदी को केरल से बंदी बनाया गया है ।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, ‘ग्रीन सिटी प्रोजेक्ट’ घोटाले की जांच तेज होने के उपरांत स्वप्न नंदी फरार हो गए थे । बंदी से बचने के लिए उन्होंने अपनी पहचान छिपाने का प्रयास किया था, परंतु पुलिस की विशेष टीम ने केरल में उनका पता लगाकर उन्हें बंदी बना लिया । इस प्रकरण में इससे पहले नगरपालिका के एक अभियंता, विद्युत पर्यवेक्षक तथा एक ठेकेदार को भी बंदी बनाया जा चुका है ।

बनावटी कागदपत्रों के प्रकरण में तृणमूल कांग्रेस नेता को बंदी बनाया गया

धोखाधडी, जाली कागदपत्रों के उपयोग एवं धमकी देने के आरोपों में तृणमूल कांग्रेस के नेता माणिक दास को भी बंदी बनाया गया है । वे सिंगूर किसान आंदोलन का प्रमुख चेहरा रहे हैं । वर्ष २०१४ में उनके विरुद्ध प्रकरण प्रविष्ट होने के पश्चात चंदननगर न्यायालय ने उनके विरुद्ध बंदी बनाने का वारंट जारी किया था । उन्हें पूर्व मंत्री बेचाराम मन्ना का करीबी माना जाता है ।

महिलाओं के साथ अश्लील व्यवहार : तृणमूल कांग्रेस नेता रेजाउल खान को बंदी बनाया गया

बांकुरा जिले में तृणमूल कांग्रेस के इंदपुर ब्लॉक के पूर्व अध्यक्ष रेजाउल खान को भी पुलिस ने बंदी बना लिया है । खान पर भाजपा कार्यकर्ता के घर में घुसकर मारपीट करने, महिलाओं के साथ अश्लील व्यवहार करने तथा बंदूक दिखाकर जान से मारने की धमकी देने के आरोप हैं । न्यायालय ने उन्हें ३ दिनों की पुलिस के बंदी गृह भेज दिया है ।

तृणमूल कांग्रेस के पूर्व विधायक के ३ फ्लैटों पर पुलिस की कार्रवाई

कल्याणी के तृणमूल कांग्रेस के पूर्व विधायक मुकुटमणि अधिकारी के स्वामित्ववाले ३ फ्लैटों को पुलिस ने सील कर दिया है । भाजपा ने परिवाद किया था कि इन फ्लैटों में बडी मात्रा में सरकारी सहायता सामग्री संग्रहित करके रखी गई थी । पुलिस ने ई-मेल के माध्यम से नोटिस भेजकर फ्लैट खोलने के निर्देश दिए थे, परंतु निर्धारित समय सीमा में कोई उत्तर न मिलने पर पुलिस ने यह कार्रवाई की । इस प्रकरण में आवास परियोजनाओं के प्रवर्तक गौरंग सरकार को भी नोटिस जारी किया गया है तथा पुलिस के अनुसार आगे की जांच जारी है ।

संपादकीय भूमिका

क्या इससे यह बार-बार प्रमाणित नहीं होता कि तृणमूल कांग्रेस गुंडों एवं राष्ट्रविरोधी तत्वों से भरी हुई पार्टी है ? क्या सरकार अब भी ऐसे दल पर प्रतिबंध लगाएगी ?