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कोलकाता (पश्चिम बंगाल) – पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के विधायक दल में विभाजन होने के पश्चात अब पक्ष के संसदीय दल में भी फूट पडने की जानकारी सामने आई है । तृणमूल कांग्रेस के २० सांसदों ने लोकसभा अध्यक्ष श्री ओम बिरला को पत्र लिखकर संसद में एक स्वतंत्र समूह के रूप में मान्यता देने की मांग की है । इसके साथ ही उन्होंने सत्तारूढ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) में सम्मिलित होने की इच्छा भी व्यक्त की है ।
पत्र पर हस्ताक्षर करने वालों में अरूप चक्रवर्ती, पार्थ भौमिक, शताब्दी राय, जगदीश बसुनिया, काकोली घोष दस्तिदार, प्रसून बनर्जी, कालीपद सोरेन, शर्मिला सरकार, जून मालिया, बापी हलदार, असित माल तथा सुवेंदु शेखर राय सहित अन्य सांसदों के नाम सम्मिलित बताए जा रहे हैं । विद्रोही समूह की नेता के रूप में काकोली घोष दस्तिदार को मान्यता प्रदान करने का अनुरोध भी किया गया है । विशेष उल्लेखनीय है कि इन २० विद्रोही सांसदों में भारतीय जनता पक्ष के पूर्व नेता रहे तथा बाद में तृणमूल कांग्रेस में सम्मिलित हुए शत्रुघ्न सिन्हा तथा कीर्ति आजाद भी सम्मिलित बताए जा रहे हैं ।
स्वतंत्र समूह को मान्यता दिलाने के लिए लोकसभा अध्यक्ष को पत्र भेजने से पूर्व विद्रोही सांसदों ने केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव के आवास पर बैठक की थी । इसके उपरांत तृणमूल कांग्रेस के सांसद सुवेंदु शेखर राय ने राज्यसभा के सभापति श्री सी. पी. राधाकृष्णन से भेंट कर राज्यसभा सदस्यता से त्यागपत्र सौंप दिया तथा पक्ष छोडने की घोषणा कर दी ।
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