जालस्थल के माध्यम से गायों का क्रय-विक्रय किया जाएगा ।

वाराणसी (उत्तर प्रदेश) – द्वारका एवं ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने ‘गो-एल्एक्स’ नामक एक जालस्थल बनाने का निर्णय लिया है, जिसके माध्यम से गायों का क्रय-विक्रय किया जाएगा ।
गोरक्षक गायें क्रय कर सकते हैं !
शंकराचार्य ने कहा कि जो पशुपालक या व्यापारी गाय बिक्री चाहते हैं, वह जालस्थलपर विज्ञापन दे सकते हैं । यदि कोई हिन्दू अपनी गाय की बिक्री करना चाहता है, तो वह हमें बेच दे । हम गायें क्रय करने ने के लिए तैयार हैं । हम गायों को कटने नहीं देंगे एवं किसी भी गोहत्या करने वाले को गाय क्रय करने की अनुमति नहीं देंगे । हम गायें क्रय कर के उनकी सेवा करेंगे । गो-रक्षा के लिए समर्पित लोग भी उन गायों को क्रय कर उनकी सेवा कर सकते हैं ।
जालस्थल चलाने का उद्देश्य
गाय ऑनलाइन क्रय करने का निर्णय लेने के कारण बताते हुए शंकराचार्य ने कहा कि सामाजिक माध्यम एवं कुछ समाचार पत्र के माध्यमों से यह धारणा प्रसारित हो रही है कि यदि मुस्लिम गाय क्रय करना बंद कर दें या गोमांस खाना त्याग दें, तो हिन्दू पशुपालक आर्थिक संकट में आ जाएंगे । जिन गायों ने दूध देना बंद कर दिया है या जिन्हें कसाई को बिक्री किया जा रहा है, उन गायों को हम क्रय करेंगे । कोई धर्म परायण हिन्दू अपनी गाय को कटाने के लिए बिक्री नहीं करेगा । यदि किसी व्यक्ति में वास्तविक हिन्दुत्व है, तो वह कभी अपनी गाय को कसाई के हाथ नहीं देगा । ‘गो-एल्एक्स’ मंच का उद्देश्य किसी भी परिस्थिति में गायों को पशुशालाओं/कसाईघरों में जाने से रोकना है । यह प्लेटफार्म ‘ओएल्एक्स’ (ऑनलाइन सामान क्रय-विक्रय जालस्थल) के अनुरूप काम करेगा ।
मुसलमानों द्वारा गोहत्या निषेध का समर्थन
शंकराचार्य ने कहा कि भारत में गोहत्या निषेध के समर्थन में मुस्लिम समाज भी है । मुस्लिम समुदाय के अनेक लोग साथ हैं । मुसलमानों ने स्वीकार किया है कि ‘इस्लाम में गोमांस खाना कोई अनिवार्य धार्मिक कर्तव्य नहीं है ।’ हम ऐसे लोगों का स्वागत करते हैं । यदि देश में गोहत्या एवं गोमांस का सेवन बंद हो जाता है, तो इससे सामाजिक मेलजोल एवं आपसी सद्भाव को बल मिलेगा ।
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