'ऑपरेशन सिंदूर’ के समय भारत के शौर्य को उजागर ना होने देने का पाकिस्तान का प्रयास l

इस्लामाबाद (पाकिस्तान) – विगत वर्ष हुए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के समय भारत ने अमेरिका के माध्यम से मध्यस्थता तथा शस्त्रसंधि करने की इच्छा व्यक्त की थी, ऐसा दावा पाकिस्तान के सेनाप्रमुख जनरल असीम मुनीर ने एक कार्यक्रम में किया था ; परंतु उनके इस दावे की अमेरिका के आधिकारिक अभिलेखों (records) ने कलई खोल दी है ।
१. असीम मुनीर ने कहा कि भारत की तुलना में पाकिस्तान की रणनीति श्रेष्ठ सिद्ध हुई तथा भारत ने अमेरिकी नेतृत्व के माध्यम से चर्चा का प्रयास किया । प्रादेशिक शांति के हित में पाकिस्तान ने इस प्रस्ताव को स्वीकार किया ।
२. अमेरिकी ‘फॉरेन एजेंट्स रजिस्ट्रेशन एक्ट’ (फारा) के अंतर्गत एकत्रित किए गए प्रलेखों (documents) ने पाकिस्तान के दावों को उजागर कर दिया है । इन प्रलेखों की प्रविष्टियों के अनुसार ६ मई से ९ मई २०२५ की अवधि में पाकिस्तान ने वाशिंगटन में लगभग ६० पृथक संपर्क अभियान चलाए । इसमें अमेरिकी सांसद, कांग्रेस के कर्मचारी, अधिकारी, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार, रक्षा अधिकारी तथा माध्यम संस्थानों (media) के साथ निरंतर किए गए संपर्कों का समावेश था ।
३. ये प्रलेख दर्शाते हैं कि पाकिस्तान की ओर से अमेरिका के अनेक वरिष्ठ व्यक्तियों के साथ बैठक आयोजित करने का अनुरोध किया गया था । उसी समय भारत की ओर से ऐसे किसी भी वृहद स्तर के अमेरिकी मध्यस्थता के प्रयास का उल्लेख प्राप्त नहीं होता ।
४. भारत ने पूर्व में ही स्पष्ट किया था कि शस्त्रसंधि की पहल पाकिस्तान के ‘डी .जी .एम .ओ .’ (‘डायरेक्टर जनरल ऑफ मिलिट्री ऑपरेशंस’ – सैन्य अभियान महानिदेशक) ने की थी तथा दोनों देशों के सैन्य अधिकारियों के मध्य दूरभाष पर हुई चर्चा के पश्चात शस्त्रसंधि पर सहमति हुई ।
हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य बंद किया गया, तो पूरे ईरान को नष्ट कर दिया जाएगा ! : Donald Trump
Bhopal Terror Module : ‘पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया’ के ‘मिशन-२०४७’ के अनुसार समस्त आतंकवादी बाहर आकर सत्ता उलट देंगे !
भारत से चल रहे सीमाविवाद में हम ब्रिटेन को मध्यस्थ बनाना नहीं चाहते ! – Balen Shah
भारत हिंदू राष्ट्र ही है ! – UM Pralhad Joshi
(और इनकी सुनिए…) “भारत के विरुद्ध युद्ध छेडे बिना कोई विकल्प नहीं बचेगा !” – Khawaja Asif
अमेरिका कितना भी दबाव डाले, फिर भी लेबनान से पीछे नहीं हटेंगे ! – इजराइल