शिवसेना द्वारा आंदोलन करने पर ‘आई.डी.एफ्.सी’ फर्स्ट’ बैंक ने कर्जदार से की क्षमायाचना !

  • कर्जदार की आर्थिक लूट करने का चल रहा था मनमानी प्रयास !

  • कर्जदार के साथ घिनौनी गालीगलोच तथा जान से मारने की धमकियां !

बाईं ओर शिवसेना के उपशहर प्रमुख श्री राहुल पांडे

नागपुर : यहां के एक ग्राहक ने आई.डी.एफ्.सी’ फर्स्ट’ बैंक से व्यवसाय के लिए ऋण लिया था; परंतु उसका व्यवसाय न चलने से वह ऋण की किश्त भर नहीं पाया । तब बैंक ने उस ग्राहक को ‘वन टाईम सेटलमेंट’ (एक ही किश्त में सब ऋण चुकाना) करने के लिए कहा । ग्राहक ने बैंक द्वारा बताए अनुसार पैसे जमा किएै; परंतु बैंक ने उसे ऋण चुकाए जाने का प्रमाणपत्र (लोन क्लियरेंस सर्टिफिकेट) नहीं दिया । बैंक के अधिकारियों ने उससे बार-बार संपर्क कर और १ लाख रुपए भरने के लिए कहा । इस कर्जदार ने यह आरोप लगाया कि इस समय उन्होंने अत्यंत नीचले स्तर पर जाकर गालीगलोच की ।

कर्जदार का विवाह तोडने तक बैंक की मजाल !

बैंक केवल इतने पर ही नहीं रुका, जबकि उसके अधिकारियों ने पीडित कर्जदार की भावी पत्नी एवं उसके सांस-ससूर से भी गालीगलोच की । उसके कारण कर्जदार का विवाह टूटने तक की स्थिति आई थी । इसके उपरांत कर्जदार ने शिवसेना से सहायता मांगी । शिवसेना के शहर उपप्रमुख श्री. राहुल पांडे के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने बैंक में आंदोलन किया । इस समय शिवसैनिकों ने बैंक के कार्यालय जाकर १५ से २० किलो सडे हुए टमाटर फेंके, साथ ही क्षमापत्र प्रसारित करने के लिए कहा तथा ऋण चुकाए जाने का प्रमाणपत्र नहीं दिया, तो इससे बडे आंदोलन की चेतावनी दी । उसके उपरांत बैंक ने कर्जदार को प्रमाणपत्र एवं क्षमापत्र दिया । श्री. राहुल पांडे ने ‘सनातन प्रभात’ को इसकी जानकारी दी । (इसके लिए श्री. राहुल पांडे एवं सभी शिवसैनिकों का अभिनंदन ! ऐसे शिवसैनिक ही जनता की सच्ची शक्ति हैं ! – संपादक)

संपादकीय भूमिका

  • केवल क्षमा मांग कर इस विषय का पटाक्षेप न कर ग्राहकों के साथ आर्थिक धोखाधडी करनेवाली आई.डी.एफ्.सी’ फर्स्ट’ बैंक को ही निकाल बाहर कर देना चाहिए !
  • स्वयं को ‘कॉर्पोरेट’ कहलवाकर सभी मानवीय मूल्यों का पालन करने का ढोल पीटनेवाले ऐसे बैंकों के विरुद्ध जनता को आवाज उठाना आवश्यक !