तिरुमला तिरुपति देवस्थानम् मंडल के पूर्व अध्यक्ष सुब्बा रेड्डी का दावा
(वाय . एस् . आर् . कांग्रेस अर्थात युवजन श्रमिका ऋतु कांग्रेस पार्टी , यानी युवा , कामगार और किसान कांग्रेस पार्टी)

नई दिल्ली – तिरुपति में भगवान वेंकटेश्वर के प्रसाद के रूप में वितरित किए जाने वाले लड्डुओं में मिलावट के आरोप की घटना में तिरुमला तिरुपति देवस्थानम् मंडल के पूर्व अध्यक्ष तथा वाय . वी . सुब्बा रेड्डी , जो वाय . एस् . आर् . कांग्रेस पार्टी के सांसद हैं , ने पत्रकार परिषद में स्पष्टीकरण दिया । उन्होंने कहा कि केंद्रीय खाद्य प्रौद्योगिकी अनुसंधान संस्थान की वर्ष २०२२ की रिपोर्ट में मिलावटी घी के उपयोग का उल्लेख था, परन्तु पशु चरबी की मिलावट का कोई उल्लेख नहीं था ।
आंध्रप्रदेश राज्य में तेलुगू देशम् पार्टी के नेतृत्व वाली राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन सरकार ने रिपोर्ट दबाने का जो आरोप लगाया है , उसे रेड्डी ने निरस्त कर दिया । उन्होंने प्रश्न उठाया कि यदि रिपोर्ट दबाई गई होती , तो नमूनों की जांच के लिए उन्होंने केंद्रीय खाद्य प्रौद्योगिकी अनुसंधान संस्थान को पत्र क्यों भेजा होता ? अज्ञात शिकायत के आधार पर कार्यवाही की गई थी तथा उस समय मामला केंद्रीय खाद्य प्रौद्योगिकी अनुसंधान संस्थान को सौंपा गया था । उस रिपोर्ट पर अधिकारियों ने वास्तव में क्या कार्यवाही की , इसका उत्तर वे दें , ऐसी मांग भी रेड्डी ने की ।
संपादकीय भूमिकारेड्डी की वाय . एस् . आर् . कांग्रेस पार्टी की सरकार रहते समय ही यह मिलावट हुई थी । उस समय रेड्डी की सरकार ने कार्यवाही क्यों नहीं की ? सरकार को यह ध्यान में क्यों नहीं आया ? इसके उत्तर वे सुविधाजनक रूप से टाल रहे हैं । |
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