India US Trade Deal : अमेरिका ने भारत पर लगाए गए ५० प्रतिशत आयात शुल्क को घटाकर १८ प्रतिशत कर दिया !

  • भारत एवं अमेरिका के बीच अंततः व्यापार समझौता

  • भारत रूस से तेल नहीं खरीदेगा — ट्रम्प का दावा, भारत की चुप्पी !

नई दिल्ली — भारत एवं अमेरिका के बीच पिछले कई महीनों से लंबित व्यापार समझौता आखिरकार हो गया है । अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने सोशल मीडिया के माध्यम से इसकी जानकारी दी । इसके पश्चात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इसकी सूचना दी । भारत द्वारा रूस से ईंधन तेल खरीदे जाने के कारण अमेरिका ने भारत पर ५० प्रतिशत आयात शुल्क लगाया था । इस समझौते के चलते अब यह शुल्क घटाकर १८ प्रतिशत कर दिया गया है । वहीं ट्रम्प ने कहा है कि “भारत अमेरिका से होने वाले निर्यात पर कर को शून्य करेगा ।” ट्रम्प ने २ फरवरी की सुबह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से टेलीफोन पर चर्चा की थी । इसके पश्चात रात लगभग साढे दस बजे उन्होंने सोशल मीडिया पर व्यापार समझौते की घोषणा की । ट्रम्प ने दावा किया कि प्रधानमंत्री मोदी रूस से तेल खरीदना बंद कर अमेरिका से अधिक तेल खरीदने पर सहमत हुए हैं; यद्यपि प्रधानमंत्री मोदी द्वारा सोशल मीडिया पर साझा की गई जानकारी में इसका कोई उल्लेख नहीं है । इसलिए इस विषय पर अभी स्पष्टता नहीं है ।

४३ नहीं, अपितु केवल १८ प्रतिशत ही शुल्क !

अमेरिका ने पहले भारत पर २५ प्रतिशत एवं पश्चात रूस से तेल खरीदने के कारण अतिरिक्त २५ प्रतिशत शुल्क लगाया था, यानी कुल ५० प्रतिशत शुल्क लगाया था । अब अमेरिका ने इस कुल ५० प्रतिशत में से ३२ प्रतिशत शुल्क हटाकर उसे १८ प्रतिशत तक घटा दिया है, ऐसा वाइट हाउस की ओर से स्पष्ट किया गया है ।

समझौते के अनुसार भारत अमेरिका से ४६ लाख करोड रुपये का सामान खरीदेगा !

ट्रम्प द्वारा घोषित समझौते के अनुसार भारत ‘बाय अमेरिकन’ (अमेरिका से खरीदो) नीति के अंतर्गत अमेरिका से ४६ लाख करोड रुपये (५०० अरब डॉलर) से अधिक मूल्य का सामान खरीदेगा । यह खरीद अगले ५ वर्षों में की जाएगी ।

भारत अमेरिका के साथ वेनेजुएला से भी तेल खरीदेगा ! — ट्रम्प

आज सुबह भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बात करना मेरे लिए सम्मान की बात थी । हमने रूस-यूक्रेन युद्ध सहित कई विषयों पर चर्चा की । प्रधानमंत्री मोदी ने रूस से तेल खरीदना बंद करने पर सहमति जताई है । भारत अब अमेरिका से अधिक तेल खरीदेगा । इसके अलावा वेनेजुएला से तेल खरीदने की संभावना पर भी चर्चा हुई । इससे यूक्रेन में जारी युद्ध को समाप्त करने में सहायता मिलेगी, जहां हर सप्ताह सहस्रों लोग मारे जा रहे हैं । प्रधानमंत्री मोदी के साथ मित्रता, सम्मान एवं उनके अनुरोध पर अमेरिका और भारत के बीच तत्काल एक व्यापार समझौते पर सहमति बनी है । इसके अंतर्गत अमेरिका भारत पर लगाए जाने वाले रेसिप्रोकल टैरिफ को २५ प्रतिशत से घटाकर १८ प्रतिशत करेगा । भारत भी अमेरिका के विरुद्ध अपने टैरिफ एवं बिना-टैरिफ बाधाओं को कम कर शून्य की ओर ले जाएगा । प्रधानमंत्री मोदी ने ‘बाय अमेरिकन’ के संदर्भ में भी बडी प्रतिबद्धता जताई है । इसके अंतर्गत भारत अमेरिका से ५०० अरब डॉलर से अधिक मूल्य की ऊर्जा, प्रौद्योगिकी, कृषि, कोयला एवं अन्य उत्पाद खरीदेगा । मुझे पूरा विश्वास है कि भविष्य में भारत एवं अमेरिका के संबंध और अधिक घनिष्ठ होंगे ।

भारत की ओर से कोई औपचारिक संदेश प्राप्त नहीं हुआ है ! – रूस

मॉस्को (रूस) – अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रम्प द्वारा भारत के साथ व्यापार समझौते के संदर्भ में यह कहे जाने के उपरांत कि “भारत रूस से तेल नहीं खरीदेगा”, रूस के राष्ट्रपति कार्यालय क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने इस विषय पर एक वक्तव्य दिया है । उन्होंने कहा कि इस प्रकरण में रूस को भारत की ओर से कोई भी औपचारिक संदेश प्राप्त नहीं हुआ है । अब तक भारत की ओर से रूस का तेल खरीदना बंद करने के संबंध में कोई जानकारी नहीं दी गई है । रूस भारत के साथ अपनी रणनीतिक साझेदारी को आगे बढाना चाहता है तथा दोनों देशों के बीच सहयोग को अत्यधिक महत्त्व देता है । भारत–रूस संबंध केवल तेल एवं गैस तक सीमित नहीं हैं । रक्षा, व्यापार एवं रणनीतिक सहयोग के क्षेत्रों में दोनों देशों के बीच संबंध दशकों पुराने हैं । वैश्विक दबाव के उपरांत भी इस साझेदारी को बनाए रखने की हमारी इच्छा है ।