US Senator Mark Warner : भारत-पाकिस्तान युद्ध ट्रम्प ने नहीं रूकवाया !

अमेरिका के सांसद मार्क वॉर्नर ने ट्रम्प को दिखाया आईना !

अमेरिका के सांसद मार्क वॉर्नर

वॉशिंग्टन (अमेरिका) – भारत एवं पाकिस्तान के मध्य मई २०२५ में बढे तनाव को अल्प करने में अमेरिका की भूमिका की बिना किसी कारण महिमामंडन किया जा रहा है । अकेले अमेरिका की मध्यस्थता से यह तनाव अल्प हुआ, इसका वर्तमान जानकारी में कोई आधार नहीं है । मैंने भारत सरकार के सदस्यों, गुप्तचर विभाग एवं ‘अमेरिकन इंटेलिजेंस कमिटी’ से जो कुछ सुना एवं पढा है; उससे यह स्पष्ट होता है कि भारत एवं पाकिस्तान ने इस विषय को आपस में सुलझा लिया है, इन शब्दों में अमेरिका के प्रभावशाली सांसद तथा ‘सिनेट इंटेलिजेंस कमिटी’ के अध्यक्ष मार्क वॉर्नर ने जानकारी देकर डॉनल्ड ट्रम्प के दावों की हवा निकाल दी है । मई के महिने में चलाए गए ‘ऑपरेशन सिंदूर’के समय ट्रम्प ने ‘मैंने ही भारत एवं पाकिस्तान को युद्ध से रोका’, ऐसा दावा किया था ।

एक समाचार संस्था से की गई भेंटवार्ता में वॉर्नर ने कहा कि स्थिति गंभीर थी; परंतु वह कोई नई नहीं थी । भारत एवं पाकिस्तान के मध्य इससे पूर्व अनेक बार ऐसा तनाव उत्पन्न हुआ है । यह घटना एक परिचित पद्धति के अनुसार घटिथ हुई है, यह बात पुनः एक बार आतंकवादी आक्रमण से संबंधित थी । सीमापार आतंकवाद लंबे समय से चिंता का विषय रहा है । ऐसे प्रसंगों के लिए नई देहली एवं इस्लामाबाद के मध्य पहले से ही संवाद के मार्ग उपलब्ध हैं ।

पाकिस्तान भारत को सदैव ही उत्तरदायी मानता है !

पाकिस्तान की आलोचना करते हुए वॉर्नर ने कहा कि पाकिस्तान सदैव ही भारत पर आवश्यकता से अधिक ध्यान देना है तथा स्वयं की आर्थिक चुनौतियों के लिए भी भारत को उत्तरदायी मानता है । इसके विपरीत भारत इस प्रतियोगिता में बहुत आगे निकल चुका है तथा वहां की नई पीढी अमेरिका के साथ मजबूत संबंध स्थापित करने के पक्ष में है ।

युद्धविराम के श्रेय ट्रम्प को न दिए जाने के कारण ही ट्रम्प ने भारत पर आयात शुल्क लगाया !

मार्क वॉर्नर ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि अमेरिका की भूमिका का अतिचारी पद्धति से वर्णन करने के कारण मित्र राष्ट्रों के मध्य का विश्वास दुर्बल हो सकता है । भारत के साथ का वर्तमान का आयात शुल्क से संबंधित विवाद भी इसी अप्रसन्नता से उत्पन्न हुआ दिखाई देता है कि भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने युद्धविराम का पर्याप्त श्रेय ट्रम्प को नहीं दिया । ट्रम्प अनेक बार निर्णयों का अतिचारी पद्धति से वर्णन करते हैं । ऐसी भाषा के कारण राजनीतिक हानि होती है तथा उससे वॉशिंग्टन एवं नई देहली के मध्य के विश्वास को हानि पहुंचती है । अमेरिका की भूमिका को बडा बनाकर बोलना प्रादेशिक संतुलन को और जटिल बनाया जा सकता है तथा उससे भारत-अमेरिका संबंधों में अस्थिरता आ सकती है, यह चेतावनी भी वॉर्नर ने दी है ।

इराण की परमाणु क्षमता नष्ट नहीं हुई है !

इराण पर किए गए अमेरिकी आक्रमणों का उल्लेख करते हुए वॉर्नर ने कहा कि अमेरिकी युद्धक विमानों ने बहुत अच्छा पराक्रम दिखाया; परंतु उससे इराण की परमाणु क्षमता संपूर्णतः नष्ट नहीं हुई है । इराण कुछ ही महिनों में उसे पुनः स्थापित कर सकता है ।