
बेंगलुरु – कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धरामय्या से भेंट करने आए एक युवक ने उन्हें श्री राघवेंद्र स्वामी की एक प्रतिमा भेंट स्वरूप प्रदान की; किंतु मुख्यमंत्री सिद्धरामय्या ने उसे स्वीकार करने से मना कर दिया । मुख्यमंत्री सिद्धरामय्या जब जनता की समस्याओं को सुनकर उनसे संबंधित निवेदन स्वीकार कर रहे थे, तब यह घटना घटित हुई । उन्होंने उस युवक की ओर क्रोधपूर्ण दृष्टि से देखकर वह प्रतिमा उसे लौटा दी; परंतु उसी समय एक अन्य प्रशंसक ने चाणक्य पर आधारित एक पुस्तक उन्हें दी, तो सिद्धरामय्या ने उसका सहर्ष स्वीकार किया ।
इस घटना पर प्रतिपक्ष के नेता आर. अशोक ने तीव्र क्षोभ व्यक्त किया है । उन्होंने कहा है कि, “सिद्धरामय्या को हिन्दू देव प्रिय नहीं हैं । उन्हें केवल टोपी धारण किए हुए व्यक्ति देखकर ही आनंद प्राप्त होता है । टीपू सुल्तान की जयंती मनाकर सांप्रदायिक दंगे करवाए गए । ‘कोगिलू लेआउट’ में मुसलमानों को आवास देना उन्हें रुचिकर लगता है । हिन्दुओं को इन विषयों पर ध्यान देना चाहिए तथा सिद्धरामय्या को पाठ सिखाना चाहिए ।”
संपादकीय भूमिकाकांग्रेस के मुख्यमंत्री का हिन्दुद्वेष पहचानें ! |
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