हिन्दू धर्म पर होनेवाले आघातों के विरुद्ध लडने के लिए विविध क्षेत्रों में कार्य करनेवाले संगठनों का संगठित होना आवश्यक है ! – चर्चासत्र में सहभागी हिन्दुत्वनिष्ठ

सनातन राष्ट्र शंखनाद महोत्सव देहली २०२५ 

सनातन राष्ट्र शंखनाद महोत्सव में ‘सनातन संस्कृति का रक्षण’ चर्चासत्र

बाएं से : श्री. कुरु ताई (उपनिदेशक, बांस संसाधन एवं विकास संस्थान, अरुणाचल प्रदेश), अधिवक्ता अरुण गुप्ता (‘गंगा मित्र’, उच्च न्यायालय, उत्तर प्रदेश), डॉ. सुरेश चव्हाणके (मुख्य संपादक, सुदर्शन न्यूज नेटवर्क), कैप्टन प्रवीण चतुर्वेदी (निवृत्त) (मुख्य कार्यकारी अधिकारी, ‘प्राच्यम्’ ओटीटी), श्री. प्रबल प्रताप सिंह जुदेव (भाजपा नेता, छत्तीसगढ)

भारत मंडपम्, इंद्रप्रस्थ (नई देहली) – अनेक हिन्दू विविध क्षेत्रों में, जैसे कि धर्मांतरण, लव्ह जिहाद, भूमि जिहाद को रोकना, संस्कृति रक्षा एवं घरवापसी करने के लिए कार्य कर रहे हैं । यदि सभी मिलकर कार्य करें, तो हिन्दू धर्म पर होने वाले आघातों से लडा जा सकता है । ऐसा होने पर भी, सनातन राष्ट्र की स्थापना होने पर ही सही अर्थों में सनातन धर्म एवं संस्कृति की रक्षा होगी, यह दिशा उपस्थित हिन्दुत्वनिष्ठों तथा धर्मप्रेमियों को १३ दिसंबर को ‘सनातन राष्ट्र शंखनाद महोत्सव’ में हुए ‘सनातन संस्कृति का रक्षण’ विषय पर हुए चर्चासत्र से मिली ।

इस चर्चासत्र में छत्तीसगढ के भाजपा नेता श्री. प्रबल प्रताप सिंह जुदेव, ‘प्राच्यम्’ ओटीटी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी कैप्टन प्रवीण चतुर्वेदी (सेवानिवृत्त), अरुणाचल प्रदेश के बांस संसाधन एवं विकास संस्थान के उपनिदेशक श्री. कुरु ताई तथा ‘गंगा मित्र’ के नाम से प्रसिद्ध उत्तर प्रदेश के उच्च न्यायालय के अधिवक्ता अरुण गुप्ता सहभागी थे । चर्चासत्र का संचालन ‘सुदर्शन न्यूज नेटवर्क’ के मुख्य संपादक डॉ. सुरेश चव्हाणके ने किया ।

जनवरी २०२६ तक अरुणाचल प्रदेश के घुसपैठियों को खदेड देंगे ! – श्री. कुरु ताई, उपनिदेशक, बांस संसाधन एवं विकास संस्थान, अरुणाचल प्रदेश

श्री. कुरु ताई

अरुणाचल प्रदेश में धर्मांतरण, भूमि जिहाद एवं अवैध घुसपैठ के विरुद्ध युवा एकजुट हो गए हैं । इसलिए, जनवरी २०२६ तक वहां की सभी अनधिकृत भूमि अतिक्रमण मुक्त होकर भूमि जिहाद समाप्त हो जाएगा, साथ ही अरुणाचल प्रदेश में रह रहे अवैध घुसपैठियों को खदेडने के लिए ये युवा पर्याप्त हैं । इसके साथ ही, आने वाले ५ वर्षों में हम बलपूर्वक होनेवाले धर्मांतरण को भी रोकेंगे ।

केंद्र सरकार गंगाजल पर चिकित्सा शोध करके उसका लाभ जनता को दे ! – अधिवक्ता अरुण गुप्ता, उच्च न्यायालय एवं ‘गंगा मित्र’

अधिवक्ता अरुण गुप्ता

संपूर्ण विश्व में केवल भारत के ऋषि-मुनियों ने नदी में स्नान करने की परंपरा आरंभ की । गंगाजल वैज्ञानिक होने के कारण वह अनेक जीवों की रक्षा करता है । गंगा नदी के विषय में न्यायालय में वैज्ञानिक प्रमाण प्रस्तुत करने के कारण इलाहाबाद उच्च न्यायालय से १२५ आदेश (निर्णय) प्राप्त हुए हैं । गंगाजल से अनेक रोग (बीमारियां) ठीक हो सकते हैं । इसलिए, केंद्र सरकार को उस पर चिकित्सा अनुसंधान करके उसका लाभ लोगों को देना चाहिए ।

सत्य भारतीय संस्कृति को विश्व के सामने लाने के लिए ‘प्राच्यम् ओटीटी’ की स्थापना ! – कैप्टन प्रवीण चतुर्वेदी (सेवानिवृत्त), मुख्य कार्यकारी अधिकारी, ‘प्राच्यम्’ ओटीटी

कैप्टन प्रवीण चतुर्वेदी

राष्ट्र, धर्म एवं संस्कृति के विरुद्ध अनेक स्तरों पर युद्ध लडा जा रहा है । इसलिए, प्रत्येक व्यक्ति को अपने-अपने क्षेत्र में लडना चाहिए । पाश्चात्य लोगों के मन में हिन्दू धर्म के विषय में अनेक अनुचित धारणाएं (गलतफहमियां) थीं । इसलिए वे प्रसार माध्यमों द्वारा भारत, हिन्दू धर्म एवं संस्कृति का विरोध कर रहे थे । विश्व को वास्तविकता ज्ञात हो, इसलिए मैंने ‘प्राच्यम्’ ओटीटी प्लेटफॉर्म आरंभ किया । इसके साथ ही, भारतीयों को १ सहस्र वर्षों के सच्चे इतिहास से वंचित रखा गया । जिन्हें अपना इतिहास ज्ञात नहीं होता, उन्हें शत्रु का बोध नहीं होता, इसे ध्यान में रखते हुए भारतीयों को सच्चे इतिहास से परिचित कराना भी ‘प्राच्यम्’ का उद्देश्य है ।

ईसाई धर्मांतरण रोकने के लिए छत्तीसगढ में कठोर कानून लाएंगे ! – प्रबल प्रताप सिंह जुदेव, भाजप नेता, छत्तीसगढ

प्रबल प्रताप सिंह जुदेव

जब एक धर्मांतरण होता है, तब एक शत्रु बढता है । कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में छत्तीसगढ में भारी मात्रा में हिन्दुओं का धर्मांतरण हुआ, साथ ही नक्सलवाद भी फला-फूला । अब भाजपा के मुख्यमंत्री श्री. विष्णु देव साय की सरकार के कार्यकाल में आदिवासी संस्कृति की रक्षा हो रही है तथा लोग मुख्य धारा से जुड रहे हैं, साथ ही नक्सलवाद भी नष्ट हो रहा है । आने वाले अधिवेशन में छत्तीसगढ सरकार धर्मांतरण के विरुद्ध कठोर कानून ला रही है । एक राजा होते हुए भी मेरे पिता स्वर्गीय दिलीप सिंह जुदेव ने दलित बंधुओं के पैर धोकर लाखों धर्मांतरितों को हिन्दू धर्म में वापस लाने का कार्य किया । उसी प्रकार हम भी सहस्रों आदिवासी लोगों को स्वधर्म में वापस लाने का प्रयास कर रहे हैं ।

क्षणचित्र

१. चर्चासत्र के समय ‘प्राच्यम् ओटीटी प्लेटफॉर्म’ के लघुचित्र (शॉर्ट फिल्म) दिखाए गए ।

२. ‘पूर्वोत्तर राज्यों में जिन्हें पत्रकार बनना है, उन्हें निःशुल्क पत्रकारिता सिखाकर उपाधि (डिग्री) दी जाएगी’, ऐसी घोषणा ‘सुदर्शन न्यूज नेटवर्क’ के मुख्य संपादक डॉ. सुरेश चव्हाणके ने चर्चासत्र के समय की । उन्होंने यह भी कहा कि ‘अरुणाचल प्रदेश में श्री श्री १००८ महामंडलेश्वर स्वामी शांतिगिरीजी महाराज, जय बाबाजी परिवार का आश्रम खोला जाएगा’ ।