|

नई दिल्ली – ‘जमियत उलमा-ए-हिन्द’ के अध्यक्ष महमूद मदनी ने मांग की है कि जिहाद इस्लाम में पवित्र है, इसलिए इसे विद्यालयों की पाठ्यपुस्तकों में सम्मिलित किया जाना चाहिए । उनका कहना है कि समाज में जिहाद की संकल्पना को अनुचित तरीके से प्रस्तुत किया गया है । इसलिए, विद्यालयों में जिहाद पढाने से बच्चों को उसका सच्चा अर्थ पता चलेगा । उन्होंने आई.ए.एन्.एस्. (IANS) समाचार एजेंसी को दिए एक साक्षात्कार में अपने विचार रखे । कुछ दिनों पहले मदनी ने यह विवादास्पद बयान दिया था कि ‘जब अन्याय होगा, तभी जिहाद होगा’, जिसके पश्चात उनकी कडी आलोचना हुई थी ।
मदनी ने आगे कहा :
१. जो लोग ‘जिहाद’ का विरोध करते हैं, वे विश्वासघाती हैं तथा ऐसे लोग आतंकवाद फैलाने का काम कर रहे हैं ।
२. जिहाद एक महत्त्वपूर्ण बात है एवं इसकी आवश्यकता केवल मुसलमानों को ही नहीं, अपितु देश को भी है ।
३. इस्लाम के नाम पर आतंकवाद करना अनुचित है । दिल्ली में बम विस्फोट कराने वाले आतंकवादी उमर मोहम्मद ने आत्मघाती आक्रमणों को ‘शहीद होने के लिए की गई कार्रवाई’ कहा था । इस पर मेरा विरोध है ।
४. मानवता पर किया गया आक्रमण, यदि जिहाद के नाम पर किया जाता है, तो वह इस्लाम पर आक्रमण ठहरता है ।
५. मासूम लोगों के जिहाद के नाम पर मारे जाने से हमें बुरा लगता है, क्योंकि ऐसा कृत्य इस्लाम का नाम लेकर किया जाता है । वास्तव में, आतंकवाद को समाप्त करना ही सच्चा जिहाद है ।
संपादकीय भूमिका
|
UK Mandir Auction : ब्रिटेन में नीलामी में मंदिर का स्थान मुसलमानों को बेचा !
वर्ष २०२२-२३ में मुंबई के ४ सहस्र ६३ वृक्ष कंक्रीटीकरण (काँक्रिटीकरण) से मुक्त, परंतु अभी भी वे प्रकार निरंतर जारी
काशी, मथुरा तथा संभल के मंदिर-मस्जिद विवाद में सर्वोच्च न्यायालय के मध्यस्थता प्रस्ताव को दोनों पक्षों ने ठुकराया
Ram Mandir Donation Theft : श्रीराम मंदिर दान चोरी प्रकरण में सर्वोच्च न्यायालय का केंद्र तथा उत्तर प्रदेश सरकार को नोटिस
यदि मुसलमान अपने पूर्वजों की परंपराओं को स्वीकार करें, तो उन्हें हिन्दू राष्ट्र में किसी प्रकार का कोई संकट नहीं होगा ! – Yogrishi Ramdev baba
लोकल रेलगाडी में वातानुकूलन यंत्र १५ मिनट तक बंद रहा यात्रियों का दम घुटा तथा अनेक महिलाएं अचेत हुईं