‘सुराज्य अभियान’ ने केंद्र सरकार को सौंपा ज्ञापन

नई दिल्ली – देशभर में बार-बार होने वाली पुलों की दुर्घटनाओं के कारण नागरिकों की सुरक्षा का प्रश्न गंभीर रूप ले चुका है । इस पृष्ठभूमि में, हिन्दू जनजागृति समिति का उपक्रम ‘सुराज्य अभियान’ द्वारा केंद्र सरकार को एक महत्त्वपूर्ण ज्ञापन सौंपा गया है । इसमें देश के सभी पुलों के लिए ‘संरचनात्मक परीक्षण (Structural Audit)’ अनिवार्य एवं डिजिटल ‘हेल्थ कार्ड’ प्रणाली को राष्ट्रीय स्तर पर लागू करने की मांग की गई है । (पुलों के ‘संरचनात्मक परीक्षण’ की मांग क्यों करनी पडती है ? प्रशासन स्वयं क्यों नहीं करता ? – संपादक) यह ज्ञापन केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी (सडक परिवहन तथा राजमार्ग), मनोहर लाल खट्टर (आवास एवं शहरी प्रकरणों) तथा शिवराज सिंह चौहान (ग्रामीण विकास तथा कृषि) को भेजा गया है । ‘सुराज्य अभियान’ के महाराष्ट्र राज्य समन्वयक श्री. अभिषेक मुरकुटे ने इस संदर्भ में देशव्यापी नीति की आवश्यकता को रेखांकित किया है ।
महाराष्ट्र एवं बिहार राज्यों के मॉडल बन सकते हैं आदर्श !

ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि महाराष्ट्र शासन ने ३० जून २०२५ को शासनादेश प्रसारित कर सभी नगर परिषद, महानगरपालिका एवं स्थानीय स्वराज्य संस्थाओं को उनके अधिकार क्षेत्र के सभी पुलों का ‘स्ट्रक्चरल ऑडिट’ एवं रखरखाव अनिवार्य कर दिया है ।
दूसरी ओर, बिहार राज्य ने देश में पहली बार ३ सहस्र ५०० से अधिक पुलों के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई – आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस), ‘सेंसर डेटा’ तथा क्यू.आर. कोड तकनीक की सहायता से डिजिटल ‘हेल्थ कार्ड’ प्रणाली लागू की है, जिससे पुलों की स्थिति एवं रखरखाव की आवश्यकता का परीक्षण संभव हुआ है ।
सुरक्षित पुल यानी सुरक्षित भारत !
ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि भारत में वर्तमान में लगभग १ लाख ६० सहस्र पुल हैं; परंतु उनमें से कई पुलों का अभी तक संपूर्ण सुरक्षा मूल्यांकन नहीं हुआ है । ऐसी स्थिति में संरचनात्मक सत्यापन एवं ‘डिजिटल मॉनिटरिंग’ को अनिवार्य करने से भविष्य की दुर्घटनाओं को टाला जा सकेगा तथा अरबों रुपये के मूल ढांचे के निवेश की सुरक्षा होगी ।
केंद्र तत्काल कदम उठाए !
‘सुराज्य अभियान’ ने अपने ज्ञापन में कहा है कि यह पहल देश के पुलों की सुरक्षा, साथ ही निरंतर मूल ढांचे के विकास के लिए निर्णायक सिद्ध होगी । सार्वजनिक सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए केंद्र सरकार को तत्काल राष्ट्रीय नीति तैयार करनी चाहिए ।
ज्ञापन के साथ बिहार में पुलों के लिए ‘हेल्थ कार्ड प्रणाली’ से संबंधित समाचारपत्र के समाचार तथा महाराष्ट्र शासन का ‘स्ट्रक्चरल ऑडिट’ संबंधी शासनादेश साक्ष्य के रूप में संलग्न किए गए हैं ।
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