प्रेम जिहाद, तथा हिन्दू देवताओं का अपमान करने पर ‘जैसे को तैसा’ उत्तर देंगे ! – राष्ट्रवादी के सांसद संग्राम जगताप

अहिल्यानगर में ‘शिवशक्ती-भीमशक्ती जनआक्रोश मोर्चा’ !

‘शिवशक्ती-भीमशक्ती जनआक्रोश मोर्चा’

अहिल्यानगर – नगर में हिन्दुओं को लक्षित कर उनके प्रति कुचेष्टा करने की घटनाएं दिन प्रति दिन बढ रहीं हैं । अब इन घटनाओं को सहन नहीं किया जाएगा । जब भी प्रेम जिहाद, हिन्दू देवताओं का अपमान, महापुरुषों का अवमानना, तथा संविधान विरोधी कृत्य होंगे, तो ‘जैसे को तैसा’ उत्तर दिया जाएगा । उसके बाद ही मोर्चे निकाले जाएंगे, ऐसी चेतावनी राष्ट्रवादी कांग्रेस के सांसद संग्राम जगताप ने दी । भारतरत्न डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर का अपमान करने वाली पत्रिकाएं प्रसारित होने की घटना हाल ही में नगर में हुई थी । उसकी निंदा में हिन्दुत्वनिष्ठ संघटनाओं के नेतृत्व में १२ अक्टूबर को शिवशक्ती-भीमशक्ती जनआक्रोश मोर्चा निकाला गया । इस समय वे बोल रहे थे ।

भारतीय जनता पार्टी के सांसद गोपीचंद पडळकर, युवा नेता सागर बेग, भीमशक्ती के नेता वॉल्मीकि निकाळजे आदि मोर्चे में सहभागी हुए थे । छत्रपति शिवाजी महाराज की मूर्ति को अभिवादन कर मोर्चा प्रारंभ हुआ । हिन्दू नागरिक एवं अंबेडकरी समाज के नागरिक मोर्चे में भागीदार थे । तेज धूप में भी इस मोर्चे में हजारों नागरिक भाग ले रहे थे । दिल्लीगेट पर मोर्चा का सभा में रूपांतर हुआ।

देश, संविधान एवं धर्म की रक्षा के लिए हिन्दुओं को जागरूक होना अनिवार्य !

राष्ट्रवादी के सांसद संग्राम जगताप

सांसद जगताप ने ‘डेमोग्राफिकल जिहाद’ (जनसंख्या जिहाद) के विषय पर वक्तव्य दिया, बंगाल एवं मालेगांव के उदाहरण दिया । ‘दीपावली में हिन्दुओं से ही वस्तुएं खरीदें’, इस अपने ही दृष्टिकोण का समर्थन किया । ‘जो राष्ट्रगान नहीं गाते हैं, उन्हें आगामी चुनाव में मतदान न दें । देश, संविधान एवं धर्म की रक्षा के लिए हिन्दुओं को संघटित एवं जागरूक होने की आवश्यकता है’, ऐसा उन्होंने कहा । ‘संविधान का मान रखते हैं’, ऐसा कहने वाले एम्.आय.एम्. (‘मजलिस ए इत्तेहादुल मुस्लमिन’ के) नेताओं ने डॉ. आंबेडकर का अपमान करने वाले फरीद खान का विरोध क्यों नहीं किया ? ऐसा प्रश्न उन्होंने उठाया ।

जो महापुरुषों का अपमान करेंगे, उन्हें सीख दी जाएगी ! – सांसद गोपीचंद पडळकर

सांसद गोपीचंद पडळकर

भाजपा के सांसद गोपीचंद पडळकर ने कहा, ‘‘भारत रत्न डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर ने इस जिहादी वृत्ति को पहले ही पहचाना था । इसलिए उन्हें पाकिस्तान में भेजने की मांग उन्होंने बंटवारे के समय की थी । उस समय बाबासाहेब की बात मान ली होती, तो हमारे मोर्चा निकालने की आवश्यकता ही नहीं पड़ती । क्रिकेट मैच में भारत हारने पर पटाखे फोडना, महापुरुषों का अपमान करना, यह बडा षड्यंत्र है । हिन्दू लडकियों को प्रेम के जाल में फंसाकर धर्मांतरण कराना, हिन्दुओं की अस्वस्थता का लाभ उठाकर मंत्र आदि से उनका धर्म परिवर्तन कराना ऐसे कार्य हो रहे हैं । इसका ‘जैसे को तैसा’ उत्तर देना चाहिए । जो महापुरुषों का अपमान करेंगे, उन्हें सीख दी जाएगी, ऐसी चेतावनी उन्होंने दी ।

एम्.आय.एम्. के नेता अहिल्यानगर में आकर ‘अहिल्यानगर के बजाय हम अहमदनगर ही कहेंगे’, ऐसा खुलेआम कहते हैं । जिन्हें ये नाम नहीं चाहिए, वे देश के विरोधी हैं । जिनके दुकान पर ‘अहमदनगर’ का फलक है, ऐसी दुकानों का पहचान कर जिल्हाधिकारी को निरस्त कर कार्रवाई करनी चाहिए, ऐसी मांग सांसद पडळकर ने की।