
इस्लामाबाद – पाकिस्तान के सिंध प्रांत के कोटरी नगर में दौलत बागरी नामक एक हिन्दू युवक को केवल ढाबे पर भोजन करने के कारण अमानुषिक रूप से पीटा गया । दौलत बागरी दोपहर के समय भोजन करने के लिए ढाबे पर गया था । तभी ढाबे के मालिक तथा कुछ लोगों ने उसके आने पर आपत्ति जताई । उन्होंने कहा, ‘यह हिन्दू है, यहां कैसे खा सकता है ?’ इसके बाद उसके हाथ-पैर बांध दिए गए । इतना ही नहीं, उसे अमानुषिक रूप से पीटा गया और उसके पास रखे हुए साठ सहस्र रुपये भी लूट लिए गए ।
१. इस घटना का वीडियो सामाजिक माध्यमों पर प्रसारित हुआ है, जिसमें युवक को रस्सी से बांधकर पीटा जा रहा है, यह स्पष्ट दिखाई देता है ।
२. यह वीडियो प्रसारित होने के बाद पाकिस्तान के अनेक लोगों ने रोष व्यक्त किया । विवाद बढने पर कोटरी पुलिस ने दौलत बागरी के अभियोग पर सात आरोपियों के विरुद्ध अपराध प्रविष्ट किया । इसमें ढाबे के मालिक सहित स्थानीय लोग सम्मिलित हैं ।
३. अपराध प्रविष्ट होने के पश्चात भी किसी एक को भी पकडकर बंदी नहीं किया गया । इससे पुलिस की निष्क्रियता पर प्रश्न उठ रहे हैं । (पाकिस्तान की पुलिस से भला और क्या अपेक्षा की जा सकती है ? – संपादक)
४. दौलत बागरी ने जमशोरो जिला एवं सत्र न्यायालय में याचिका प्रविष्ट (दाखिल) कर यह आरोप लगाया था कि ‘पुलिस अधीक्षक और थाना प्रमुख अपराधियों पर कार्यवाही नहीं कर रहे हैं’ । इस याचिका के बाद ही पुलिस ने अपराध प्रविष्ट किया ।
५. मानवाधिकार कार्यकर्ता डॉ. शर्मा ने पाकिस्तान सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद को इस विषय में तुरंत हस्तक्षेप करना चाहिए, जिससे पाकिस्तान में रहने वाले हिन्दू अल्पसंख्यकों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके ।
संपादकीय भूमिकापाकिस्तान में हिन्दू जब वहाँ नर्क जैसी यातनाएं भोग रहे हैं, तब विश्वभर की मानवाधिकार संस्थाएं उनके अधिकारों के लिए आवाज क्यों नहीं उठातीं ? |
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