अमेरिका और फ्रांस भी भारत के ग्राहक हैं ।

नई दिल्ली – रक्षा उत्पादों के निर्यात में भारत का प्रभाव विश्व भर में बढ रहा है । विश्व के सौ से अधिक देश भारत से रक्षा शस्त्र एवं उपकरण आयात कर रहे हैं । इनमें अमेरिका, रूस और फ्रांस जैसे देश भी सम्मिलित हैं । भारत पराध्वनिक जहाज (सुपरसोनिक क्रूझ) क्षेपणास्त्र के लिए लडाकू विमानों के अतिरिक्त भाग का आपूर्तिकर्ता भी बन गया है । भारत में बने कुछ रक्षा उपकरण और शस्त्र विश्व भर के अनेक देशों की सेनाओं में उनकी कार्यक्षमता एवं विश्वसनीयता के कारण अत्यंत लोकप्रिय हो रहे हैं ।
१. भारत जिन देशों को रक्षा उपकरण और शस्त्र आपूर्ति करता है, उनमें अमेरिका, फ्रांस और आर्मेनिया भी हैं ।
२. फ्रांस भारत से विभिन्न प्रकार के सॉफ्टवेयर और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण आयात कर रहा है । इन उपकरणों का उपयोग अत्याधुनिक लडाकू विमानों और अन्य रक्षा उत्पादों में किया जाता है ।
३. भारत में बने रक्षा उत्पादों की बढती मांग के कारण, भारत का रक्षा निर्यात मात्र ९ वर्षों में १५ गुना बढ गया है । वित्तीय वर्ष २०२४ – २०२५ में यह २३,६२२ करोड रुपये तक पहुंच गया है । सरकार का लक्ष्य वर्ष २०२९ तक रक्षा निर्यात को ५०,००० करोड रुपये तक पहुंचाना है ।
४. गत १० वर्षों में भारत के आर्थिक अनुमान पत्र (बजट) में रक्षा क्षेत्र के लिए प्रदान की जाने वाली धनराशि में लक्षणीय वृद्धि हुई है । वर्ष २०१३ -१४ में भारत के आर्थिक अनुमान पत्र (बजट) में रक्षा क्षेत्र के लिए २,५३,३४६ करोड रुपये का प्रावधान था । वर्ष २०२४- २५ में यह बढकर ६,५३, ३४६ करोड रुपये हो गया है ।
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