फ्रांस ने चिकित्सालयों को तैयार रहने का दिया आदेश

पैरिस (फ्रांस) : विश्व तीसरे विश्वयुद्ध की दहलीज पर खडा है अथवा नहीं, यह निश्चितरूप से कहा नहीं जा सकता; तथापि रुस के युक्रेन पर निरंतर हो रहे आक्रमण, इजरायल के इराण, हमास आदि पह हो रहे आक्रमण तथा अब चीन ने ३ सितंबर के उसके ‘विजय दिवस’ में जो शक्तिप्रदर्शन किया, उसे देखते हुए तीसरे विश्वयुद्ध की संभावना अस्वीकार नहीं की जा सकती । ऐसे में ही अब फ्रांस, साथ ही पूर्वी यूरोपीय राष्ट्रों ने युद्धसज्जता आरंभ की है । ब्रिटेन के प्रसारमाध्यम ‘टॉक टीवी’ ने यह समाचार प्रसारित किया है ।
सार्वजनिक हुए कुछ आधिकारिक कागदपत्रों के आधार पर इस समाचार में बताया गया है कि ‘स्कैंडीनेविया’ के देश अर्थात रुस के पास स्थित फिनलैंड, नॉर्वे एवं स्वीडन इन देशों के नागरिकों को ‘युद्ध के काल में जीवित कैसे रहें ?’, इसकी जानकारी दी जा रही है । वहां की सेनाओं में तीव्रगति से सैनिकों को भर्ती किया जा रहा है । पोलैंड एवं बाल्टिक देशों में भी (एस्टोनिया, लाटविया एवं लिथुआनिया) में भी सेना को सशक्त बनाया जा रहा है ।
फ्रांस की तैयारी चल रही है युद्धस्तर पर !
गुप्त कागदपत्रों से यह सामने आया हे कि फ्रांस ने युद्ध की तैयारी के लिए बडे स्तर पर उसके नागरी चिकित्सालयों का उपयोग करना आरंभ किया है । फ्रांस के स्वास्थ्य मंत्रालय ने इसके लिए मार्गदर्शक तत्त्व प्रसारित किए हैं । इसमें चिकित्सालयों को मार्च २०२६ तक प्रतिदिन सैकडों घायल सैनिकों पर उपचार करने के लिए तैयार रहने के लिए कहा गया है । इस विषय में ‘टॉक टीवी’ ने २ सितंबर ने एक कार्यंक्रम में जानकारी दी । इस समाचार के अनुसार फ्रांस केवल उसके स्वयं के घायल सैनिकों पर ही नहीं, अपितु ‘नाटो’ देशों के सैनिकों पर भी उपचार करने की व्यवस्था कर रहा है । इसके लिए चिकित्सालयों को उन्नत स्तर पर तैयारी करने के लिए कहा गया है ।
युद्ध के संदर्भ में ‘नाटो’ देशों का क्या नियम है ?
नाटो के नियम के अनुसार किसी एक भी नाटो देश पर आक्रमण होता है, तो सभी देशों को युद्ध में कूदना पडेगा । ऐसी स्थिति में ब्रिटेन, अमेरिका एवं यूरोप के अनेक राष्ट्रों की सीधे युद्ध में कूद जाने की संभावना बढ सकती है । युक्रेन के साथ जिसकी सीमा है, वह पोलैंड २ वर्ष पूर्व ही ‘नाटो’का सदस्य देश बन गया है, इसे भी भूला नहीं जा सकता । इसके कारण तीसरे विश्वयुद्ध जैसी स्थिति उत्पन्न होने की संभावना है ।
जर्मनी की चेतावनी !
जर्मनी के सर्वोच्च जनरल कार्स्टेन ब्रुअर ने यह चेतावनी दी है कि रुस के ‘झापड २०२५’ नाम से चल रहे युद्धाभ्यास का उपयोग आक्रामकता के लिए कारण के रूप में किया जा सकता है ।
यूरोपीय देशों द्वारा चल रही सैनिकी तैयारी !
बाल्टिक राष्ट्रों ने ‘टैंक डिच’, ‘माइनफिल्ड’ एवं ‘रॉकेट सिस्टम’ के समावेशवाली संयुक्त रक्षा रेखाएं तैयार की हैं । जर्मनी ने ‘ऑपरेशन ड्यूशलैंड’ के नाम से १ सहस्र पृष्ठों का एक ब्योरा बनाया है । इसमें सुरक्षित स्थल, बंकर, नाटो सैनिक एवं वाहनों की तैनाती का संपूर्ण आरेखन दिया गया है ।
परमाणु युद्ध की भी चल रही है तैयारी !
इसके अतिरिक्त परमाणु युद्ध की भी तैयारी की जा रही है । इसमें यूरोपीय देश उन पर यदि परमाणु आक्रमण होता है, तो ‘प्राणों की रक्षा के लिए क्या करना चाहिए ?’, इस सूत्र पर काम कर रहे हैं । कागदपत्रों से यह दिखाई दिया है कि जुलाई २०२५ में ब्रिटेन एवं फ्रांस इन देशों में एक समझौता हुआ था, जिसके अंतर्गअत तीसरा विश्वयुद्ध हुआ, तो ये दोनों देश आक्रमण करनेवाले देश पर प्रतिआक्रमण करेंगे । यह कदम यूरोप में संभावित बडे युद्ध की तैयारी का स्तर कितना गंभीर है, यह दर्शाता है ।
मुंबई पर २६/११ का आतंकवादी आक्रमण कांग्रेस और आई.एस.आई. (ISI) ने मिलकर कराया था ! – R.V.S. Mani
France 24 Media : (और इनकी सुनिए…) ‘छत्रपती शिवाजी महाराज की प्रतिमाएं स्थापित कर मुसलमानों को लक्षित किया जा रहा है !’
Bangladesh Temple Attack : बांग्लादेश के प्राचीन श्री कालीमाता मंदिर पर धर्मांध मुसलमानों का आक्रमण ।
US Iran War : अमेरिका ने ईरान के चाबहार बंदर पर किया आक्रमण
US Iran War : अमेरिका द्वारा ईरान के ८० से अधिक सैन्य ठिकानों पर आक्रमण l
PoK Protest : पाक-अधिकृत कश्मीर में चल रहे आंदोलन पर पाक सेना की गोलीबारी : १ व्यक्ति की मृत्यु