Jefferies Trump Tariff : भारत-पाक के मध्य ट्रम्प की मध्यस्थी का प्रस्ताव भारत के अस्वीकार करने पर ५० प्रतिशत कर लगाया !

अमेरिका की बहुराष्ट्रीय निवेश बैंक तथा वित्तीय सेवा संस्थान ‘जेफरीज’ का दावा

वॉशिंग्टन (अमेरिका) – मई माह में भारत तथा पाकिस्तान के मध्य ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के अंतर्गत हुए ४ दिनों के सैन्य तनाव के पश्चात ‘मेरे हस्तक्षेप से युद्ध रुका’, ऐसा डोनाल्ड ट्रम्प ने स्वयं दावा किया था । ऐसा होते हुए भी, जैसे ट्रम्प चाहते थे वैसे दोनों देशों के मध्य तनाव समाप्त करनेका श्रेय उन्हें नहीं मिल सका । भारत ने ट्रम्प के दावे निरंतर अस्वीकार किये । साथ ही पाकिस्तान से हुए संघर्ष में प्रत्येक बार तृतीय पक्ष के हस्तक्षेप को अस्वीकार किया । इस कारण से बड़ी आर्थिक हानि होने पर भी भारत ने यह भूमिका स्थिर रखी । इससे ट्रम्प क्रोधित हुए तथा उन्होंने भारत पर ५० प्रतिशत कर लगाया, ऐसा दावा अमेरिकी संस्थान ‘जेफरीज’ ने किया है । जेफरीज संस्थान बहुराष्ट्रीय निवेश बैंक तथा वित्तीय सेवा संस्थान है । इस संबंध में जेफरीज ने एक प्रतिवेदन प्रकाशित किया है ।

जेफरीज के प्रतिवेदन के महत्त्वपूर्ण सूत्र इस प्रकार हैं !

१. भारत से हुए मतभेद के कारण नोबेल शांति पुरस्कार के लिये राष्ट्रपति ट्रम्पको आवश्यक वैश्विक मान्यता न्यून हुई है ।

२. ट्रम्प ने भारत पर कर लगाने के अन्य भी कुछ कारण हैं । उनमें से रूस-युक्रेन युद्ध एक प्रमुख कारण है । ट्रम्प ने राष्ट्रपति पद की चुनावी प्रचारयात्रा में ‘रूस-युक्रेन युद्ध समाप्त करेंगे’, ऐसा आश्वासन दिया था । वह अभीतक पूर्ण नहीं हो सका है । इस कारण से वे अप्रसन्न भी हैं । उसी समय भारत द्वारा रूस से तेल खरीदना जारी रखने से भी अमेरिका में असंतोष उत्पन्न हुआ है ।

३. ऐसा होते हुए भी, भारत द्वारा ट्रम्प को पाकिस्तान के प्रकरण में हस्तक्षेप न करने देना, यही ५० प्रतिशत आयात कर लगाने का वास्तविक एवं मूल कारण है ।

४. ट्रम्प का यह निर्णय नीति स्तर पर समझ की अल्पता (कमी) को दर्शाता है । ऐसे निर्णय अमेरिका के राष्ट्रीय हित के प्रतिकूल हैं ; क्योंकि भारत को दूर करने से भारत चीन के समीप जा सकता है ।