Vote Theft Row : राहुल गांधी ७ दिनों में प्रमाण दें, नहीं तो क्षमा मांगें !

राहुल गांधी के आरोपों पर मुख्य चुनाव आयुक्त का प्रत्युत्तर

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और राहुल गांधी

नई दिल्ली – कांग्रेस नेता एवं लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने चुनाव आयोग पर बिहार में मतदाता सूची की जांच को लेकर ‘वोट चोरी’ का आरोप लगाया था । गांधी के इन आरोपों पर १७ अगस्त को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करके मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने पलटवार किया है । आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कहा, “यदि राहुल गांधी के पास अपने आरोपों के प्रमाण हैं, तो वे ७ दिनों के भीतर शपथपत्र दें, अन्यथा उन्हें पूरे देश से क्षमायाचना करनी होगी ।”

मतदाता सूची को सही करना एक साझा उत्तरदायित्व (जिम्मेदारी) है !

ज्ञानेश कुमार ने कहा कि मतदाता सूची को सही करना एक साझा जिम्मेदारी है । बिहार में हमारे मतदान केंद्र अधिकारी (‘बूथ लेवल एजेंट’ – बी.एल.ओ.) एवं राजनीतिक दल मिलकर काम कर रहे हैं । संभवतः इसी कारण से १ अगस्त के पश्चात किसी भी राजनीतिक दल ने कोई आपत्ति प्रविष्ट नहीं कराई है । चुनाव आयोग यह नहीं मानता कि बिहार की मतदाता सूची पूरी तरह से सही है । आयोग कहता है कि इसमें त्रुटियां हो सकती हैं, जिन्हें सुधारा जाएगा । अभी भी १५ दिन शेष हैं ।

सभी राजनीतिक दलों को उत्तरदायित्व (जिम्मेदारी) लेना चाहिए !

ज्ञानेश कुमार ने आगे कहा कि यदि १ सितंबर के उपरांत भी ऐसे ही आरोप जारी रहे, तो उसका दायित्व किसका होगी ? प्रत्येक मान्यता प्राप्त पार्टी के पास अभी भी १५ दिन हैं । मैं सभी राजनीतिक दलों से अनुरोध करता हूं कि १ सितंबर से पहले त्रुटियां बताएं, चुनाव आयोग उन्हें सुधारने के लिए तैयार है ।