राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की मांग

नई दिल्ली: देश में आपातकाल लागू किए जाने की घटना को २५ जून २०२५ को ५० वर्ष पूरे हो गए । इस अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंचालक दत्तात्रेय होसबाळे ने संविधान की प्रस्तावना से ‘समाजवादी’ और ‘धर्मनिरपेक्ष’ शब्दों को हटाने की मांग की । उन्होंने कहा कि डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर द्वारा निर्मित मूल संविधान में ये शब्द सम्मिलित नहीं थे ।

होसबाळे ने आगे कहा –
१. २५ जून १९७५ से २१ मार्च १९७७ तक कुल २१ महीनों तक देश में आपातकाल लागू रहा । इस अन्याय के लिए कांग्रेस पार्टी को देश से क्षमा मांगनी चाहिए ।
२. इंदिरा गांधी द्वारा आपातकाल की घोषणा के बाद सरकार ने हजारों नागरिकों को कारागार में बंद कर उनके साथ अमानवीय व्यवहार किया । न्यायपालिका और मीडिया की स्वतंत्रता पर प्रतिबंध लगाए गए । आज यही लोग (कांग्रेस) संविधान की प्रतियां लेकर देशभर में घूम रहे हैं ।
📜⚖️ ‘Secular’ & ‘Socialist’ must be removed from the Constitution! – RSS General Secretary Dattatreya Hosabale 🗣️🇮🇳
🛑 “Those who imposed Emergency now flaunt the Constitution! Apologise!” – a jibe at Congress & Rahul Gandhi.
🛑 These words were inserted during the Emergency —… pic.twitter.com/CkCHMaR76g
— Sanatan Prabhat (@SanatanPrabhat) June 27, 2025
संपादकीय भूमिकाआपातकाल के दौरान संवैधानिक सरकार के अस्तित्व में न होने की स्थिति में ये शब्द संविधान की प्रस्तावना में जोड़े गए थे । अतः अब केंद्र सरकार को इन शब्दों को असंवैधानिक घोषित कर इन्हें हटाकर देश को न्याय देना चाहिए । |
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