
मथुरा (उत्तर प्रदेश) – सर्वोच्च न्यायालय ने कहा है कि मथुरा में श्रीकृष्ण जन्मभूमि एवं शाही ईदगाह के विवाद में केंद्र सरकार तथा भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण को पक्षकार बनाने के लिए इलाहाबाद उच्च न्यायालय द्वारा हिन्दू पक्षकारों को दी गई अनुमति प्रथम दृष्टिकोण में सही प्रतीत होती है । इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने ५ मार्च २०२५ को २ प्रकरणों में पुनर्निरीक्षण की अनुमति दी थी । उच्च न्यायालय ने याचिकाकर्ताओं को केंद्रीय गृह मंत्रालय एवं भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण को प्रतिवादी बनाने की भी अनुमति दी थी । उच्च न्यायालय के निर्णय को सर्वोच्च न्यायालय में चुनौती दी गई थी ।
Sri Krishna Janmabhoomi Case: Supreme Court backs Allahabad High Court’s decision to implead Govt & ASI!
Hindu side’s plea to treat the disputed site as a protected monument stands — Places of Worship Act won’t apply.
SC: Plaint has to be allowed.#ReclaimTemples pic.twitter.com/JOkwOPV6ei
— Sanatan Prabhat (@SanatanPrabhat) April 29, 2025
वर्तमान में श्रीकृष्ण जन्मभूमि को लेकर विभिन्न पक्षों की ओर से १५ से अधिक याचिकाएं न्यायालय में लंबित हैं ।
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