
बेंगलुरु – भारतीय इतिहास के महान सम्राटों में से एक विजयनगर के राजा कृष्णदेवराय की समाधि को मांस विक्रय केंद्र में बदल दिया गया है । कन्नड भूमि के गौरव, असाधारण प्रशासक तथा अद्वितीय योद्धा रहे राजा कृष्णदेवराय का यह घोर अपमान है, ऐसा आरोप बीजापुर (विजयपुरा) के विधायक बसनगौड़ा पाटिल यत्नाल ने लगाया है ।

यत्नाल ने ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर एक पोस्ट में लिखा, “हिन्दुओं के मंदिरों को गिराकर देश की संपत्ति लूटने वाले तथा हजारों हिन्दुओं की निर्मम हत्या करने वाले औरंगजेब की समाधि को भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग करदाताओं के पैसों से संरक्षित कर रहा है । वहीं दूसरी ओर विजयनगर साम्राज्य का विस्तार करने वाले, कला तथा साहित्य के संरक्षक, महापराक्रमी राजा कृष्णदेवराय की समाधि के प्रति इतना असावधानीपूर्ण व्यवहार क्यों किया जा रहा है ?”
“यह न केवल कन्नड वासियों का अपितु समस्त राष्ट्र का अपमान है । समाधि की पवित्रता को नष्ट करने वाले मांस विक्रेताओं को जिला प्रशासन तुरंत वहां से हटाए तथा सरकार तत्काल उस स्थल की स्वच्छता कर उसे सम्मानपूर्वक संरक्षित करे ।” ऐसी मांग विधायक यत्नाल ने की है ।
संपादकीय भूमिकामहान पराक्रमी सम्राट राजा कृष्णदेवराय का विजयनगर साम्राज्य भारतीय इतिहास के सर्वश्रेष्ठ साम्राज्यों में से एक माना जाता है । कर्नाटक की वर्तमान हिन्दू-विरोधी कांग्रेस सरकार को न तो इसका भान है और न ही सम्मान । राजा की समाधि को मांस विक्रय केंद्र में बदल देना इससे बड़ा अपमान और क्या हो सकता है ? इस दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति को बदलने के लिए अब हिन्दू राष्ट्र ही एकमात्र विकल्प है । |
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