मलयालम फिल्म इंडस्ट्री में महिलाओं के यौन शोषण का प्रकरण !
तिरुवनंतपुरम – उच्च न्यायालय द्वारा केरल की कम्युनिस्ट पिनाराई विजयन सरकार को उसकी निष्क्रियता के लिए फटकार लगाने के बाद, केरल पुलिस न्यायमूर्ति हेमा समिति की रिपोर्ट में उल्लिखित ‘ पोक्सो ‘ से संबंधित आरोपों का अपना रिकॉर्ड लेगी। हाल ही में उच्च न्यायालय के आदेश के पश्चात पुलिस को समिति की रिपोर्ट का पूरा संस्करण प्राप्त हुआ है; लेकिन उन्हें अभी तक साक्ष्यों एवं गवाहों के बयानों की प्रतियां नहीं मिली हैं। इस मामले में मुख्य साक्ष्य अभी तक गृह मंत्रालय के पास है। आशा है कि वे १७ सितंबर तक जांच टीम को सौंप देंगे।
१. मलयालम फिल्म उद्योग में यौन उत्पीड़न के आरोपों पर न्यायमूर्ति हेमा समिति की रिपोर्ट के बाद फिल्म उद्योग में प्रमुख हस्तियों के विरुद्ध अब तक अनुमानित २३ मामले प्रविष्ट (दायर) किए गए हैं।
२. मलयालम फिल्म उद्योग में महिलाओं की कामकाजी स्थितियों पर केरल उच्च न्यायालय ने केरल में कम्युनिस्ट गठबंधन ने हेमा समिति की रिपोर्ट में सामने आए यौन शोषण के अपराधियों के विरोध मे त्वरित कार्यवाही करने में विफल रहने के लिए सरकार की आलोचना की है।
३. दो जजों की बेंच ने कहा कि हेमा समिति द्वारा २०१९ में अपनी पहली रिपोर्ट सौंपने के पश्चात, सरकार ने पिछले ५ वर्षों में कुछ नहीं किया है। उच्च न्यायालय ने राज्य सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि ‘चुप्पी कोई विकल्प नहीं है!’
४. न्यायमूर्ति हेमा समिति की रिपोर्ट में विशेष रूप से महिलाओं के लिए यौन शोषण, अवैध प्रतिबंध, भेदभाव, नशीली दवाओं तथा शराब के दुरुपयोग, वेतन असमानता एवं अमानवीय कामकाजी परिस्थितियों की भयानक कहानियां सामने आईं।
संपादकीय भूमिका
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