उत्तर भारत में भारी वर्षा से हाहाकार !
उत्तर भारत के कई राज्यों में बाढ की स्थिति बिगडती जा रही है ।
उत्तर भारत के कई राज्यों में बाढ की स्थिति बिगडती जा रही है ।
हिमाचल प्रदेश एवं उत्तराखंड जैसे राज्यों में होनेवाली भूस्खलन एवं बाढ की घटनाओं का संज्ञान लेकर सर्वोच्च न्यायालय ने केंद्र सरकार एवं राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण से स्पष्टीकरण मांगा है ।
पंजाब इस समय मूसलाधार वर्षा एवं बाढ के संकट में फंसा है । राज्य सरकार ने संपूर्ण राज्य को आपदाग्रस्त घोषित किया है । मूसलाधार वर्षा के कारण २३ जिलों के १ सहस्र ४०० गांव बाढ से प्रभावित हुए हैं ।
पंजाब में वर्षा का कहर हुआ है, जिसके कारण अब तक ३० जनों की मृत्यु हो चुकी है । अनुमानित १ हजार ३०० गांव जलमग्न हो गये हैं, साथ ही ढाई लाख से अधिक लोग विविध स्थानों पर फंसे हुए हैं ।
पूर्वोत्तर अफ्रीकी देश सूडान पहले ही गृहयुद्ध की चपेट में सुलग रहा है । इसी बीच ३१ अगस्त को हुए भीषण भूस्खलन में देश के पश्चिम दारफुर क्षेत्र के मारा पर्वतों में स्थित तारासीन गांव में लगभग १ सहस्र से अधिक लोगों की मौत हो गई ।
एक ही रात्री में हुई भूकंप की ५ घटनाओं में अफगानिस्तान दहल गया है । अब तक इस भूकंप में लगभग ८०० से अधिक लोगों की मृत्यु हुई है, जबकि ५०० से अधिक लोग घायल हुए हैं ।
प्रशासन ने नागरिकों से सतर्क रहने एवं अनावश्यक यात्रा से बचने का आवाहन किया है । यद्यपि बचाव एवं पुनर्निर्माण कार्य चल रहे हैं, किन्तु जब तक वर्षा कम नहीं हो जाती, स्थिति सामान्य होने की संभावना नहीं है ।
जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश एवं उत्तराखंड राज्यों का सम्मिलित l हिमाचल प्रदेश में चल रही मणिमहेश यात्रामें ११ भक्तों की भूस्खलन में मृत्यु !
मुंबई में रात्रिभर वर्षा होने से अनेक निचले भागों में जल एकत्र हुआ था । स्थान-स्थान पर मार्ग जलमग्न हो गए । मौसम विभाग ने मुंबई में ‘रेड अलर्ट’ दी है ।
रत्नागिरी में जगबुडी, शास्त्री, कोदवली एवं रायगढ जिले में कुंडलिका नदी में बाढ चेतावनी स्तर को पार कर गई है । राज्य आपातकालीन नियंत्रण कक्ष ने जिला प्रशासन को सूचित किया है कि इन जिलों के प्रशासन को सतर्क रहना चाहिए ।