
नई देहली – भारत ने पहली बार संयुक्त अरब अमीरात देश से कच्चा तेल खरीदते समय वैश्विक मुद्रा अमेरिकी डॉलर के स्थान पर भारतीय रुपए में भुगतान किया । भारत विश्व का तीसरा ईंधन तेल खरीदने वाला बडा देश है । भारत ८५% कच्चा तेल आयात करता है । इस कारण भारत की इस कृति का बहुत महत्व है । इसके पहले यूक्रेन युद्ध के समय रूस से तेल खरीदने पर भारतीय रूपए में भुगतान किया था । भारतीय रुपए में लेन-देन करने से हमारे देश की विदेशी मुद्रा की बचत होने से इसका भारत को लाभ होगा । १२ जुलाई, २०२२ के दिन भारतीय रिजर्व बैंक ने आयात करने वालों को बिल देते समय भारतीय रुपए में करने की अनुमति दी थी । रिजर्व बैंक ने अभी तक विश्व के २२ देशों को भारतीय रूपए में व्यापार करने के लिए सहमति प्रदान की है , तब भी तेल उत्पादन करने वाले देश रूपए में लेन-देन करने के लिए अभी भी तैयार नहीं है ।
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