रूस-यूक्रेन युद्ध के समय भारत द्वारा रूस से तेल खरीदकर यूरोपीय देशों को बेचने का प्रकरण

लंदन (ब्रिटेन) – रूस-यूक्रेन युद्ध के समय भारत ने रूस से तेल खरीदा, जिससे विश्व को लाभ हुआ। यदि भारत ने तेल नहीं खरीदा होता तो तेल बाजार अस्थिर हो जाता और महंगाई बढ़ जाती । ऐसे समय में, भारत ने तेल और गैस बाजारों को स्थिर करने और मुद्रास्फीति को बढ़ने से रोकने में सहायता की । इसके लिए विश्व को भारत की आलोचना करने के बजाय भारत को धन्यवाद देना चाहिए, ऐसा भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने भारत के आलोचकों को सुनाया । वह यहां एक सम्मेलन में बोल रहे थे। यूक्रेन युद्ध के कारण अमेरिका और यूरोपीय देशों ने रूस पर कई प्रतिबंध लगा दिए हैं । इसलिए कोई भी रूस से तेल नहीं खरीद सकता । ऐसे में भारत ने इस प्रतिबंध के होते हुए भी तेल खरीदा और केवल यूरोपीय देशों को ही बेचा । इसे लेकर भारत की आलोचना हो रही है । जयशंकर उसी पृष्ठभूमि पर बोल रहे थे ।
पिछले १२ वर्षों में स्वास्थ्य सेवा लोगों के लिए सस्ती तथा सहज उपलब्ध हो, इसके लिए महत्वपूर्ण कार्य । – PM Modi
हमारी स्वतंत्र विदेशनीति नहीं है, परंतु संवाद के मार्ग खुले रखे जाएं ।- RSS Chief Mohan Bhagwat
अब शत्रु की मिसाइलें हवा में ही नष्ट होंगी !
बांग्लादेश में कट्टरपंथियों के दबाव में आकर ‘सनातन धर्म संकुल’ का निर्माण कार्य रुका !
India Nuclear Weapon : भारत के पास अनुमान से बहुत अधिक परमाणु हथियार हो सकते हैं – पाकिस्तान
भारत के शस्त्रों द्वारा यूरोप पर कभी भी आक्रमण नहीं हुआ; परंतु यूरोप ऐसे देशों को शस्त्र बेचता है, जिनके द्वारा भारत पर आक्रमण होते हैं ! : External Affairs Minister Jaishankar