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वॉशिंगटन (अमेरिका) – रशिया द्वारा युक्रेन के विरोध में शुरू किए गए युद्ध की इतिहास में प्रविष्टि होगी । अमेरिका और ‘नाटो’ देश युक्रेन की एक एक इंच भूमि की रक्षा करेंगे । वर्तमान में पुतिन को युद्ध के मैदान पर सफलता मिली होगी, तो उनको इसकी कीमत चुकानी पडेगी । पुतिन तानाशाह हैं और यह लडाई ‘तानाशाह के विरोध में स्वतंत्रता’ ऐसी है, ऐसा विधान अमेरिका के राष्ट्रपति जो बायडेन ने ‘स्टेट ऑफ युनियन’ के सामने किए भाषण में किया ।
बायडेन ने आगे कहा कि,
१. पुतिन के सामने अब बडा संकट आने वाला है । उन्हें तनिक भी आभास नहीं है कि, किस प्रकार का संकट उनके ऊपर आने वाला है । आज मैं यह घोषणा करता हूं कि, हम हमारे मित्र देशों के साथ मिलकर रशिया के किसी भी विमान के लिए हमारे आकाशमार्ग पूर्णरुप से बंद कर रहे हैं ।
२. हमारी सेना युरोप में युक्रेन की ओर से रशिया के विरोध में लडने के लिए नहीं जाएगी; लेकिन नाटो देशों की सीमाओं की रक्षा करने लिए हम कटिबद्ध हैं । इसके लिए ही हमने हमारी सेना, नौसेना और वायुसेना को तैयार रखा है ।
३. अमेरिका और ‘नाटो’ देश युक्रेन को ५ सहस्र ५६७ करोड रुपए की आर्थिक सहायता करेंगे । हमारी सेना युक्रेन में प्रत्यक्ष में युद्ध में कोई भी दखल नहीं देंगे; लेकिन अन्य मार्ग से हम युक्रेन को जितना संभव हो ,सभी सहायता करने वाले हैं । रशिया से खतरा हो सकता है, ऐसी संभावना होने वाले क्षेत्रों में ‘नाटो’ की सेना तैनात की गई है ।
४. वर्तमान में पुतिन विश्व समुदाय से अलग पड गए हैं । इसके पहले पुतिन इस प्रकार कभी अकेले नहीं हुए थे । वर्तमान में युरोपियन महासंघ के २७ देश युक्रेन के साथ हैं । यह लडाई लोकतंत्र के विरुद्ध तानाशाही की है ।
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