ऐसे संस्कृत विश्वविद्यालय राज्य के प्रत्येक जनपद में होने चाहिए । इसके लिए, प्रत्येक राज्य एवं केंद्र सरकार को प्रयास करने चाहिए ; ऐसा धर्मप्रेमी हिन्दुओं को लगता है ! – संपादक

बेंगलुरू (कर्नाटक) – ‘कर्नाटक राज्य संस्कृत विश्वविद्यालय’ रामनगर जनपद के मागडी तालुका के तिप्पसंद्र गांव में १०० एकड भूमि पर ३२० करोड रुपये की लागत से बनाया जाएगा । इसका शिलान्यास मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई द्वारा किया गया है । इस विश्वविद्यालय में छात्र संस्कृत भाषा के साथ-साथ, आधुनिक शिक्षा भी ले सकेंगे । भले ही १० वर्ष पूर्व संस्कृत विश्वविद्यालय के लिए १०० एकड भूमि स्वीकृत की गई थी, परंतु, कुछ तकनीकी कारणों से भूमि के हस्तांतरण में विलंब हुआ । इस विश्वविद्यालय में तर्क, चर्चा (परीक्षा), अर्थशास्त्र, योग, आयुर्वेद वैद्य प्रशिक्षण, स्वदेशी वनौषधी, वैदिक गणित, शिक्षक प्रशिक्षण केंद्र, विशाल पुस्तकालय निर्माण सहित अनेक विभाग होंगे ।
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