पुतिन को कहना चाहिए कि, ‘केवल पैगम्बर ही नहीं ; किसी भी धर्म की आस्था के स्थानों का अपमान करना अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता नहीं हो सकती !’ ऐसा इसलिए है, क्योंकि, धर्मांधों द्वारा हिन्दुओं, सिखों, ईसाइयों एवं अन्य धर्मियों की धार्मिक स्वतंत्रता एवं धार्मिक भावनाओं पर आक्रमण किए जा रहे हैं । इसका भी संपूर्ण संसार में कठोर विरोध होना चाहिए ! – संपादक

मास्को (रूस) – “पैगंबर मुहम्मद का अपमान करना, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता नहीं हो सकती । इससे इस्लाम को मानने वालों की भावनाओं को आघात पहुंचता है । कला की स्वतंत्रता के नाम पर धार्मिक स्वतंत्रता का हनन नहीं होना चाहिए । लोगों की धार्मिक मान्यताओं का अपमान करने से कट्टरता को प्रोत्साहन मिलता है । पेरिस की घटना इसका एक उदाहरण है”, ऐसा रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा । पेरिस में, वर्ष २०१५ में, ‘शार्ली हेब्दो’ पत्रिका द्वारा पैगंबर मोहम्मद का एक व्यंग्य-चित्र प्रकाशित करने के कारण, उनके पेरिस कार्यालय पर जिहादी आतंकवादियों ने आक्रमण किया था । इसमें १३ व्यक्ति मारे गए थे । पुतिन के इस वक्तव्य का पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान ने स्वागत किया है ।
Russian President Putin also spoke out against users posting photos of Nazis on sites dedicated to Russians who had died in World War IIhttps://t.co/NpQH7dM6ZN
— WION (@WIONews) December 24, 2021
तुर्भे रेलस्थानक के पास के पदपथों के नवीनीकरण का काम आरम्भ हुआ ।
US-Iran Ceasefire : ईरान द्वारा व्यापारी नौका पर किए गए आक्रमण के बाद अमेरिका द्वारा ईरान के सैन्य ठिकानों पर आक्रमण ।
२ राज्यों से गोहत्याएं एवं लव जिहाद की ३ घटनाएं सामने आईं ।
Ram Mandir Donation Theft : श्रीराम मंदिर में दान की चोरी के उपरांत अब मंदिर के सरकारीकरण की संभावना
भारत-बांग्लादेश सीमा पर घुसपैठियों को लौटाते समय बांग्लादेश की ओर से भीषण विरोध
इस्लाम स्वीकार करने पर स्वयं ही ‘पिछडा वर्ग मुसलमान’ का दर्जा नहीं मिल सकता ! – Madras High Court