रोशनी अली की याचिका पर ही कोलकाता उच्च न्यायालय ने लिया था पटाखे जलाने पर प्रतिबंध का निर्णय !
|

कोलकाता (बंगाल) – चित्रपट निर्मित्री रोशनी अली को दीपावली और श्री महाकाली देवी की पूजा के समय पटाखे जलाने पर राज्य में प्रतिबंध लगाना चाहिए, इसके लिए पुन: कोलकाता उच्च न्यायालय में उन्होंने याचिका प्रविष्ट की,ऐसा बताया जा रहा है । इसके पहले उनके द्वारा की गई याचिका पर निर्णय देते समय कोलकाता उच्च न्यायालय ने बंगाल में पटाखे जलाने पर प्रतिबंध लगाया था । इसके बाद इस निर्णय को पटाखा उत्पादकों की ओर से चुनौती देने पर उच्चतम न्यायालय ने यह प्रतिबंध रहित किया था ।
पटाखों पर पूर्ण प्रतिबंध को खारिज करने के SC के फैसले से नाराज रोशनी अली, कहा- कलकत्ता HC में फिर से करूँगी अपील#CalcuttaHighCourt #RoshniAlihttps://t.co/t2PWwLTH7V
— ऑपइंडिया (@OpIndia_in) November 2, 2021
उच्चतम न्यायालय ने प्रतिबंध रहित करने के बाद अली ने कहा कि, मेरी लडाई अभी समाप्त नहीं हुई है । मैं अभी भी अपने श्वास लेने के अधिकार के लिए लडूंगी । यह केवल पर्यावरण के लिए नहीं, तो अपने व्यक्तिगत स्वास्थ्य के लिए है । (इसी अनुसार रोशन अली मस्जिदों पर भोंपुओं द्वारा दी जाने वाली अजान से ध्वनि प्रदूषण होता है, ऐसा बताकर भोंपुओं द्वारा अजान देने पर प्रतिबंध लगाने की याचिका प्रविष्ट करेंगी क्या ? – संपादक)
१५० हिन्दू छात्राओं एवं ९ हिन्दू कर्मचारियों का शारीरिक, मानसिक एवं धार्मिक उत्पीडन होने की बात सामने आई ।
Mumbai ‘BEST’ buses Strike : ‘बेस्ट’ बसों की हडताल के कारण यात्रियों की दुर्दशा ; पथराव सहित तोडफोड की घटनाएं !
Chhatrapati Shivaji Maharaj’s Statue : कांग्रेसशासित तेलंगाना में मध्यरात्रि को हटाई गई छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा ।
अपयश (बदनामी) की धमकी देकर १७ लाख रुपये की वसूली : एक महिला सहित चार लोगों के विरुद्ध याचिका प्रविष्ट
इस्लाम की कट्टरपंथी विचारधारा से ऊबकर पत्नी एवं बच्चों के साथ स्वीकार किया सनातन धर्म ।
पुणे के ‘विबग्योर स्कूल’ में ईसाई कर्मचारी द्वारा हिन्दू छात्रा के धर्मांतरण का प्रयास !