यदि आप निरंतर १० वर्षों तक, प्रतिदिन १७ मिनट स्मार्टफोन का उपयोग करते करते हैं, तो आपको कर्क रोग (कैंसर) होने की ६० प्रतिशत संभावना है ! – शोध के निष्कर्ष

विज्ञान ने चाहे कितने भी नये शोध किए हों और यह कहा जाए कि वे ‘मानव कल्याण के लिए हैं ’, वास्तव में वे हानिकारक ही होते हैं ; यही बात सामने आ रही है । यह ध्यान रहे !

कैलिफ़ोर्निया (यू.एस.ए.) – संयुक्त राज्य अमेरिका में वैज्ञानिकों ने दावा किया है, कि लगातार १० वर्षों तक प्रतिदिन १७ मिनट तक स्मार्टफोन का उपयोग करने से कर्क रोग (कैंसर) की संभावना ६० प्रतिशत तक बढ जाती है । यह दावा भ्रमणभाष एवं मनुष्य पर ४६ प्रकार के संशोधन के माध्यम से किया गया है । १९९० में, अमेरिकी सरकार द्वारा शरीर पर क्ष-किरणों के प्रभावों पर शोध के लिए धन देना बंद कर दिया गया था, इसलिए, उसपर अधिक शोध नहीं हो पाया । इस विषय पर अब पुन: शोध प्रारंभ हो गया है ।

१. कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने पाया है, कि भ्रमणभाष से निकलने वाले “सिग्नल”, व्यक्ति के डी.एन.ए.(गुणसूत्रों) की संरचना को बदल देते हैं । दूसरी ओर, अमेरिकी खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने इस बात को नकार दिया है कि, “भ्रमणभाष से निकलने वाली क्ष-किरणें मानव स्वास्थ्य को प्रभावित करती हैं ।”

२. कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों ने संयुक्त राज्य अमेरिका, स्वीडन, ब्रिटेन, जापान, दक्षिण कोरिया और न्यूजीलैंड में शोध किया । २०२० तक, विश्व भर में ९५ % घरों में कम से कम एक भ्रमणभाष होगा । लोगों को भ्रमणभाष का उपयोग कम करते हुए दूरभाष का उपयोग अधिक करना चाहिए । भ्रमणभाष को शरीर से दूर रखना चाहिए । बेतार (वायरलेस) यंत्र, क्ष-किरणों की ऊर्जा को तीव्र करते हैं एवं इसका शरीर पर हानिकारक प्रभाव पडता है ।