
१. ‘यह आश्रम अत्यंत सुंदर है ।
२. यह आश्रम अर्थात आध्यात्मिक चेतना का विस्तार है और सामान्य लोगों के लिए कल्याणकारी एवं अडचनों का निराकरण करनेवाला केंद्र है ।
३. यह आश्रम अर्थात समाजहितकारी स्थल है ।
४. ‘सूक्ष्म जगत’ से संबंधित प्रदर्शनी ज्ञान का भंडार है ।
५. समाजकल्याण हेतु भारत एवं अन्य देशों में इस आश्रम की महानता पहुंचाने का प्रयास करना चाहिए ।’
– श्री. नोनी गोपाल, स्टेट प्रेसिडेंट, हिन्दू सहायता समिति, बंगाल. (२८.५.२०१९)
अपनी सहज बातचीत एवं सरल व्यवहार से भक्तों को सिखानेवाले प.पू. भक्तराज महाराजजी !
अधर्म का उत्तर अधर्म से ही देने की भगवान श्रीकृष्ण की शिक्षा को हिंदुओं द्वारा भुला दिया जाना
नादानुसंधाननादानुसंधान
अर्पणदाताओ, गुरुपूर्णिमा के उपलक्ष्य में धर्मकार्य हेतु धन अर्पित कर गुरुतत्त्व का लाभ लें !
परात्पर गुरु डॉ. आठवलेजी द्वारा साधकों को किया गया अनमोल मार्गदर्शन !
हिन्दू धर्मप्रेमी युवक-युवतियों, ऋषि-मुनियों तथा देवताओं द्वारा की जानेवाली स्थूल कृतियों के पीछेका सूक्ष्म धर्मशास्त्र समझे बिना उनका अनुकरण न करें ! – श्रीचित्शक्ति (श्रीमती) अंजली मुकुल गाडगीळ