
नई देहली : कोरोना की पृष्ठभूमि में देश में ७२ वां गणतंत्र दिवस हर्षोल्लास के साथ मनाया गया । राजधानी देहली के राजपथ पर सैनिकों के परेड (संचालन ) के साथ साथ विभिन्न राज्यों और विभागों द्वारा झाकियां प्रदर्शित की गईं । पहली बार बांग्लादेश की सेना की एक टुकडी ने इस परेड में सहभाग लिया । इसके अतिरिक्त, भारतीय वायु सेना में कछ दिन पूर्व ही सम्मिलित ‘राफेल’ लडाकू जेट भी परेड संचालन में सहभागी था । ५५ वर्षाें में पहली ही बार, कोरोना के कारण गणतंत्र दिवस समारोह में कोई भी विदेशी अतिथि सम्मिलित नहीं हुआ । सैनिकों ने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को सलामी दी । उस समय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मंत्रिमंडल के अन्य मंत्री, एवं गणमान्य व्यक्तियों सहित बडी संख्या में देशवासी उपस्थित थे ।
( सौजन्य : DD national )
POK Protests : पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (POK) पाकिस्तान का भाग नहीं है और यदि दमन बंद नहीं हुआ, तो हम भारत के साथ चले जाएंगे !
कोंकण क्षेत्र की देवराई भूमियों को ‘सरकार जमा’ करने की कार्यवाही की जांच कीजिए – राजस्वमंत्री ने उपसचिव को दिया निर्देश
शनिशिंगणापुर स्थित श्री शनिदेव की मूर्ति के संवर्धन हेतु वज्रलेपन किया जाएगा ।
Tuljabhavani Temple : श्री तुलजाभवानी देवी की ४ सहस्र एकड भूमि के घोटाले की सघन जांच करें !
(और इनकी सुनिए…) ‘ वर्तमान काल में वैकुंठगमन इत्यादि कहना मुझे स्वीकार्य नहीं है, यह विशिष्ट वर्ग द्वारा थोपी गई बातें हैं । ’- Sharad Pawar
आश्वासनों की पूर्ति में तेजी लाने के लिए महाराष्ट्र विधानमंडल करेगा ‘सॉफ्टवेयर’ का निर्माण !