कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष डी.के. शिवकुमार ने अवैध रूप से सरकारी भूमि मूर्ति के लिए देने का आरोप

बेंगलुरू (कर्नाटक) – कर्नाटक उच्च न्यायालय ने बेंगलुरू शहर से ८० किलोमीटर की दूरी पर स्थित कपालबेट्टा गांव में संसार की सर्वाधिक ऊंची ईसामसीह की मूर्ति लगाने को स्थगन आदेश दिया है । न्यायालय ने कहा है कि इस गांव में मूर्ति का काम न्यायालय की अनुमति के बिना पुनः प्रारंभ नहीं किया जाए ।’ इस संदर्भ में प्रविष्ट की गई एक जनहित याचिका पर न्यायालय ने यह आदेश दिया है । कर्नाटक कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष डी.के. शिवकुमार जब कांग्रेस सरकार में मंत्री थे, तब उन्होंने इस मूर्ति की स्थापना के लिए सरकार की १५ एकड भूमि दी है ।
इस याचिका में कहा है कि, ईसामसीह की मूर्ति लगाने के लिए अवैधानिक रूप से भूमि ली गई है । इसके लिए दो बडे लोग और उनके समर्थकों ने सरकारी संपत्ति पर कब्जा करने का प्रयत्न किया है । कनकपुरा में ईसाइयों की संख्या केवल २ सहस्र है । इनमें से डेढ सहस्र ईसाई हरबोले और नल्लाहल्ली इन गांवों में रहते हैं । ऐसा होते हुए ईसामसीह की मूर्ति लगाने का क्या औचित्य है ?, यह प्रश्न भी इस याचिका में पूछा गया है ।
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