आपदाआें का सामना करने की दृष्टि से ‘महर्षि अध्यात्म विश्वविद्यालय’ की ओर से शीघ्र ही पूरे भारत में औषधीय वनस्पतियों के रोपण की योजना आरंभ हुई है । इसके लिए किसान, बडे प्लॉट होल्डर्स; वनस्पतिशास्त्र (बॉटनी), कृषि तथा आयुर्वेद शास्त्र के विशेषज्ञों से; औषधीय वनस्पतियों के जानकारों से सहायता चाहिए । इस विषय में रुचि रखनेवाले अपनी क्षमता के अनुसार निम्नांकित सेवाआें में सहायता कर सकते हैं ।

१. प्रत्यक्ष वनस्पति रोपणसेवा
खेत में औषधीय वनस्पतियां उगाना, पश्चात उन्हें खेत में अथवा भूमि में रोपना; भूमि, श्रमिक अथवा उपकरण उपलब्ध कराना; शास्त्रीय पद्धति से श्रमिकों से पौधारोपण करवाना; स्वयं श्रमदान करना
२. अन्य सेवा
औषधीय वनस्पतियां पहचानना; पौधे लगाने के विषय में मार्गदर्शन करना; तकनीकी बाधाएं दूर करना; औषधीय वनस्पतियां रोपने के विषय में बतानेवाले ग्रंथ अथवा लेख उपलब्ध कराना; इस विषय से संबंधित सरकारी योजनाआें से लाभ उठाने में सहायता करना; पौधरोपण के लिए आर्थिक सहायता करना; वनस्पतियों से औषधि निर्माण में सहायता करना
औषधीय वनस्पतियों की रोपणसेवा में सम्मिलित होने के लिए पता
श्री. विष्णु जाधव, ‘सनातन आश्रम’, २४/बी, रामनाथी, बांदिवडे, फोंडा, गोवा. पिन – ४०३ ४०१. चल-दूरभाष : 8208514791
इमेल पता : [email protected]
संगणकीय पता : [email protected]
आगामी हिन्दू राष्ट्र में ‘आयुर्वेद’ मुख्य उपचार-पद्धति होगी ! अतः शीघ्रातिशीघ्र औषधीय वनस्पतियों का रोपण और संवर्धन सीख लें ।
अधर्म का उत्तर अधर्म से ही देने की भगवान श्रीकृष्ण की शिक्षा को हिंदुओं द्वारा भुला दिया जाना
नादानुसंधाननादानुसंधान
अर्पणदाताओ, गुरुपूर्णिमा के उपलक्ष्य में धर्मकार्य हेतु धन अर्पित कर गुरुतत्त्व का लाभ लें !
साधको, जिज्ञासुओं के ‘हमारे’ बन जाने पर नहीं, अपितु वे ‘हमारे’ बनें; इसके लिए तत्परता से उन्हें पाठक बनाएं !
साधको, आनेवाले आपातकाल का सामना करने के लिए श्रद्धा के बल पर साधना में आनेवाली बाधाओं पर विजय प्राप्त करो !
साधको, शब्दशक्ति के माध्यम से संदेह फैलाने हेतु सक्रिय सातवें पाताल की बडी अनिष्ट शक्तियों की चाल पहचानकर साधना बढाओ !