
अयोध्या (उत्तर प्रदेश) – श्रीराम के दर्शन के लिए अयोध्या में आनेवाले श्रद्धालुओं की संख्या में भारी वृद्धि हुई है । श्री रामलला के प्रतिष्ठापना समारोह से अब तक १५ कोटि से अधिक लोगों ने मन्दिर के दर्शन किए हैं । इस अवधि में देवस्थान को ५०० कोटि रुपयों से अधिक का दान मिला है, जिसमें से लगभग १५० कोटि रुपये दानपेटियों से, तथा शेष ३५० कोटि रुपये ऑनलाइन एवं प्रत्यक्ष जमा हुए हैं । उन्हें एक पारदर्शक प्रणाली द्वारा सुरक्षित रखा गया है । इस दान का उपयोग मन्दिर की देखभाल, सेवा कार्य एवं भविष्य की योजनाओं के लिए किया जाएगा, ऐसा ‘श्रीराम जन्मभूमि तीर्थक्षेत्र न्यास’ ने स्पष्ट किया ।
प्रतिदिन औसतन ८ से १० लाख रुपयों का दान !
श्रीराम मन्दिर में दान प्रक्रिया सुलभ करने के लिए ६ बडी दानपेटियां उपलब्ध कराई गई हैं । इसके अतिरिक्त परिसर के अन्य मन्दिरों में भी दानपेटियां रखी गई हैं । दान स्वीकार करने के लिए ४ ‘काउन्टर’ भी बनाए गए हैं । वहां श्रद्धालु अपनी श्रद्धा के अनुसार नकद दान जमा कर सकते हैं एवं तुरन्त कम्प्यूटरीकृत रसीद प्राप्त कर सकते हैं । ‘श्रीराम जन्मभूमि तीर्थक्षेत्र न्यास’ से मिली जानकारी के अनुसार श्रीराम मन्दिर में वर्तमान में प्रतिदिन ८ से १० लाख रुपयों का दान जमा हो रहा है । सम्पूर्ण दान प्रक्रिया पर सीसीटीवी द्वारा ध्यान रखा जाता है ।
दान की राशि न्यास के खाते में जमा होती है !
मिली जानकारी के अनुसार दान की गिनती होने के पश्चात यह निधि श्रीराम जन्मभूमि तीर्थक्षेत्र न्यास के खाते में जमा की जाती है । धन गिनने के लिए एक विशेष तन्त्र नियुक्त किया गया है एवं दो पाली में सेवारत कर्मचारी निधि की गिनती करते हैं । इसके अतिरिक्त न्यास द्वारा नियुक्त अधिकारी एवं स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के कर्मचारी भी सहायता करते हैं । धन गिनने का स्थान ‘वॉइस रिकॉर्डिंग’ की सुविधा के साथ आधुनिक सीसीटीवी कैमरों से सुसज्जित है ।
वर्ष में दो बार किया जाता है लेखापरीक्षण !
न्यास ऑनलाइन, धनादेश, यूपीआई एवं दानपेटियों द्वारा प्राप्त दान का छमाही लेखापरीक्षण भी करता है । इस कार्य के लिए सनदी लेखापालों की नियुक्ति की गई है एवं बैंक के आन्तरिक कर्मचारी एवं अधिकारी का भी इसमें सहभाग होता है । इस लेखापरीक्षण में आय एवं व्यय के साथ प्रत्येक रुपये का ब्यौरा रखा जाता है
Tukaram Mundhe Action : अस्पताल से ही औषधियां खरीदने की अनिवार्यता होने पर कार्यवाही होगी
ईश्वरपुर (जिला-सांगली) यात्री वाहनस्थानक पर अपर्याप्त प्लेटफार्म के कारण यात्रियों की असुविधा !
सहारनपुर (उत्तर प्रदेश) – ‘श्री गोगा मढी’ तीर्थस्थल को मनोरंजन केंद्र बनाए जाने का विरोध
सहारनपुर (उत्तर प्रदेश) – ‘श्री गोगा मढी’ तीर्थस्थल को मनोरंजन केंद्र बनाए जाने का विरोध ।
Bahraich Talaq : ससुर द्वारा बलात्कार किए जाने की बात बताते ही पति रेहान द्वारा पत्नी को तलाक !
केरल राज्य परिवहन निगम को महिला को ३५ हजार रुपये क्षतिपूर्ति ( हानिभरपाई ) देनी होगी ! — उपभोक्ता न्यायालय का आदेश