
नई देहली : अमेरिका एवं इजरायल द्वारा ईरान पर किए गए आक्रमण के कारण पिछले १३ दिन से चल रहा युद्ध रोकने के लिए ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने ३ शर्तें रखी हैं । उन्होंने ‘एक्स’पर कहा कि यह युद्ध रोकने के लिए ईरान की शर्तें मानना ही एकमात्र विकल्प है । इन शर्ताें में ‘अंतरराष्ट्रीय समुदाय की ओर से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ईरान की संप्रभुतात्मक अधिकारों का स्वीकार करना, युद्ध में हुई हानि के लिए उचित आर्थिक अथवा राजनीतिक आर्थिक भरपाई देना तथा भविष्य में ईरान पर किसीप्रकार का आक्रमण नहीं होगा, इसकी सुरक्षा आश्वस्तता देना’, इन सूत्रों का समावेश है ।
ईरान के राष्ट्रपति ने भले ही इसप्रकार की शर्तें रखी हों, तब भी ईरानी सेना को क्या ये शर्तें स्वीकार हैं ?, यह ज्ञात नहीं हो सका है । कुछ दिन पूर्व पेजेश्कियान ने पडोसी राष्ट्रों पर आक्रमण न करने की घोषणा की थी; परंतु ईरान की सेना ने इस घोषणा को खारिज कर आक्रमण जारी रखा, उसके कारण पेजेश्कियान को स्पष्टीकरण देना पडा था ।
⚡ Iran Sets 3 Conditions to End War
Iran’s President Masoud Pezeshkian says the 13-day conflict with the U.S. and Israel can stop only if Iran’s terms are accepted.
Iran’s Key Conditions:
🔹 Recognition of Iran’s sovereign rights globally
💰 Compensation for war damages
🛡️… https://t.co/kmdmr7uTxf pic.twitter.com/az5qYbAu31— Sanatan Prabhat (@SanatanPrabhat) March 12, 2026
युद्ध जीतने का ट्रम्प ने किया दावा
अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रम्प यांनी ‘अमेरिका ने युद्ध कब का जीता है; परंतु जब तक हमारा लक्ष्य पूरा नहीं होता, तब तक अमेरिकी सेना तैनात रहेगी’, यह स्पष्ट किया ।
भारतीय नौकाओं के लिए हॉर्मुज जलडमरूमध्य खोले जाने का समाचार गलत ! – ईरानईरान ने हॉर्मुज जलडमरूमध्य से भारतीय नौकाओं को आवाजाही करने की अनुमति दिए जाने का समाचार खारिज किया है । ‘भारत का ध्वज लगे तेल के टैंकरों को हॉर्मुज जलडमरूमध्य से आने-जाने की अनुमति नहीं दी गई हैं’, ऐसा समाचार ईरानी सूत्रों के हवाले से ‘रॉइटर्स’ने प्रकाति किया है । ‘भारतीय विदेशमंत्री डॉ. एस्. जयशंकर एवं ईरान के विदेशमंत्री अब्बास अराघची के मध्य हुए संवाद के उपरांत ईरान ने भारतीय नौकाओं को हॉर्मुज जलडमरूमध्य से आने-जाने की अनुमति दी गई है’, ऐसा बताया जा रहा था । कच्चे तेल एवं प्राकृतिक गैस की यातायात के लिए यह महत्त्वपूर्ण समुद्री मार्ग भारत के लिए खोला गया है, ऐसा दावा किया जा रहा था; परंतु अब ईरान ने यह दावा खारिज किय ाहै । अब तक केवल चीन के तेल टैंकरों को ही यहां से जाने की अनुमति दी गई है । ईरान ने सभी देशों के सामने एक शर्त रखी है । ‘कोई देश यदि इजरायली राजदूत को बाहर निकालेगा, तो उसे हॉर्मुज जलडमरूमध्य से आने-जाने की अनुमति दी जाएगी’, ऐसा ईरान ने कहा है । ईरान के इस ताजा वक्तव्य पर भारत की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है । इससे पूर्व भारतीय सूत्रों ने यह दावा किया था कि भारतीय टैंकर्स ‘पुष्पक’ एवं ‘परिमल’ हॉर्मुज से सुरक्षितरूप से यात्रा कर रहे हैं । |
नौकाओं को हॉर्मुज से आने-जाने के लिए हमारी अनुमति लेनी होगी ! – ईरान

दूसरी ओर ईरान के ‘रिवोल्यूशनरी गार्ड’ ने यह चेतावनी दी है कि हॉर्मुज जलडमरूमध्य से जानेवाली सभी नौकाओं को अब ईरान से अनुमति लेनी होगी । अनुमति न लेने के कारण ही थाईलैंड की नौका पर आक्रमण किया गया ।
युद्ध के कारण हॉर्मुज मार्ग बंद किए जाने से सहस्रों नौकाएं इस मार्ग पर फंस गई हैं । इसमें भारतीय ध्वज लगे ३७ नौकाओं का समावेश है । इनमें १ सहस्र १०९ मांझी फंसे हुए हैं ।
सऊदी अरब से तैल का टैंकर मुंबई पहुंचा !
सऊदी अरब से कच्चा तेल लेकर आ रहा तथा लाइबेरिया का ध्वज लगा तेल का टैंकर हॉर्मुज जलडमरूमध्य पार कर मुंबई पहुंच गया है । इस नौका का कप्तान भारतीय था । युद्ध के कारण हॉर्मुज से हो रहा यातायात ठप्प हुआ है । इस स्थिति में भारत पहुंचनेवाली यह पहली नौका है ।
भारत की ओर आ रही थाइलैंड की नौका पर हॉर्मुज में हुआ आक्रमण !
भारत के गुजरात के कांडला बंदरगाह की ओर जा रही थाईलैंड की ‘मयूरी नारी’ नाम की नौका पर हॉर्मुज में आक्रमण किया गया । इस आक्रमण के कारण नौका के एंजिन कक्ष में आग लगी । इस नौकापर २३ कर्मचारी कार्यरत थे । इस आक्रमण के उपरांत ओमान की नौसेना ने २० कर्मचारियों को बचाकर उन्हें खसाब शहर पहुंचाया, जबकिप ३ मांझी अभी भी लापता हैं ।
ईरान के द्वारा अमेरिकी तेलवाहू टैंकर ‘सेफसी विष्णु’ पर किए गए आक्रमण में एक भारतीय की मृत्यु
ईरान ने इराक के पास अमेरिका की तेलवाहू नौका ‘सेफसी विष्णु’ पर आत्मघाती आक्रमण किया, जिसमें एक भारतीय नागरिक की मृत्यु होने की बात सामने आई है । अब तक इस युद्ध में ३ भारतीयों की मृत्यु हुर्स है, जबकि २० से अधिक लोग घायल हुए हैं ।
ओमान के तेल संग्रह पर ईरान ने ड्रोन के द्वारा किया आक्रमण
ईरान की ओर से ओमान के सालालाह बंदरगाह पर स्थित तेल संग्रहण टंकियों को लक्ष्य बनाकर ड्रोन से आक्रमण किया गया । इस आक्रमण के उपरांत ओमान के सुल्तान हैथम बिन तारिक अल-सैद ने ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजश्कियान से संपर्क कर ओमान के भूभाग पर हो रहे आक्रमणों पर अप्रसन्नता व्यक्त करते हुए निंदा भी की । इस समय ओमान के सुल्तान ने इस युद्ध में उनकी तटस्थ भूमिका का पुनरुच्चार किया, साथ ही ओमान अपनी सुरक्षा के लिए सभी आवश्यक उपाय करेगा, यह भी स्पष्ट किया ।
कच्चे तेल के मूल्य २०० डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच सकते हैं ! – ईरान
ईरान ने यह चेतावनी दी है कि युद्ध के कारण कच्चे तेल का मूल्य २०० डॉलर प्रति बैरल तक (१८ सहस्र ४०० रुपए तक) पहुंच सकता है ।
ईरान आत्मघाती ड्रोन के द्वारा अमेरिकी समुद्रतटों पर आक्रमण करने की तैयारी में !ईरान अपनी एक अज्ञात नौका के द्वारा अमेरिका के समुद्रतटों पर आत्मघाती ड्रोन पहुंचाने की तैयारी में है । इस ड्रोन से ईरान अमेरिका पर आक्रमण करनेवा है । इन्ही ड्रोंस को रोकने में इससे पहले अमेरिका असफल रहा है । खाडी देशों में स्थित अमेरिकी सैन्य शिविरों पर, साथ ही दूतावासों पर इन्हीं आत्मघाती ड्रोंस से ही आक्रमण किए गए हैं । इससे अमेरिका की चिंता बढी है । |
तेल लेने के लिए भारत को किसी की अनुमति नहीं लेनी पडेगी : रूस के राजदूत ने अमेरिका को सुनाई खरी-खरी![]() रूस के भारत में स्थित राजदूत डेनिस एलीपोव ने अमेरिका के ट्रम्प प्रशासन द्वारा भारत को रूस से तेल खरीद की अनुमति दिए जाने के दावे पर कडी प्रतिक्रिया व्यक्त की है । उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि भारत को तेल खरीदने के लिए किसी से भी अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है । अमेरिका के वित्तमंत्री स्कॉट बेसेंट ने यह दावा किया था कि अमेरिका के वित्त मंत्रालय ने भारतीय तेल शुद्धिकरण परियोजनाओं को रूस से तेल खरीदने के लिए ३० दिन तक छूट दी गई है । |

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