General Naravane Book : जनरल मनोज नरवणे की आत्मकथा पुस्तक अब तक प्रकाशित ही नहीं हुई है ।

  • राहुल गांधी के कथन (दावे) पर ‘पेंग्विन रैंडम हाउस’ प्रकाशन संस्था का स्पष्टीकरण 

  • पुस्तक की मुद्रित या डिजिटल प्रति कॉपीराइट नियमों का उल्लंघन होगी ।

पूर्व सेनाध्यक्ष जनरल मनोज नरवणे और सांसद राहुल गांधी

नई दिल्ली – कांग्रेस नेता तथा सांसद राहुल गांधी ने संसद में पूर्व सेनाध्यक्ष जनरल मनोज नरवणे की कथित प्रकाशित पुस्तक के अंश पढकर सुनाए थे । इस पर सत्ताधारी सांसदों ने कडा विरोध जताया था । अब इस पुस्तक की प्रकाशन संस्था ‘पेंग्विन रैंडम हाउस इंडिया’ ने औपचारिक स्पष्टीकरण दिया है ।

संस्था ने स्पष्ट किया है कि जनरल मनोज नरवणे की आत्मकथा ‘फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी’ के विशेष प्रकाशन अधिकार केवल उनके पास हैं तथा यह पुस्तक अभी तक किसी भी रूप में प्रकाशित नहीं हुई है ।

प्रकाशन संस्था ने कहा कि वे यह स्पष्ट करना चाहते हैं कि पुस्तक की कोई भी प्रति—चाहे वह मुद्रित हो या डिजिटल—अब तक प्रकाशित, वितरित, बेची या किसी भी अन्य माध्यम से जनता के लिए उपलब्ध नहीं कराई गई है । वर्तमान में प्रचलित कोई भी संस्करण—पूर्ण या आंशिक, किसी भी स्वरूप में—कॉपीराइट (विशेषाधिकार) का उल्लंघन माना जाएगा । ऐसे किसी भी अनाधिकृत वितरण के विरुद्ध कानूनी कार्यवाही की जाएगी, ऐसी चेतावनी भी ‘पेंग्विन रैंडम हाउस इंडिया’ ने दी है ।

क्या है प्रकरण ?

राहुल गांधी के अनुसार, ‘फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी’ पुस्तक में वर्ष २०२० में लद्दाख सीमा पर भारत तथा चीन के बीच हुए संघर्ष से संबंधित ऐसी जानकारियां हैं, जो सरकार के लिए असुविधाजनक हो सकती हैं । राहुल गांधी ने संसद में इस पुस्तक के कुछ अंश पढकर सुनाए थे ।
इन अंशों में कहा गया था कि उस समय मोदी सरकार ने जनरल नरवणे को अकेला छोड दिया था तथा चीनी सैनिकों पर गोली चलानी है या नहीं, इसका निर्णय लेने का पूरा अधिकार उन्हीं पर छोड दिया गया था ।

संपादकीय भूमिका 

यदि ऐसा है, तो राहुल गांधी के विरुद्ध कार्यवाही के लिए इस प्रकाशन संस्था को ही पहल करनी चाहिए । यदि संस्था ऐसा नहीं करती, तो पुलिस को चीन-समर्थक बात कहने वाले राहुल गांधी के साथ-साथ प्रकाशन संस्था पर भी अभियोग प्रविष्ट करना चाहिए ।