Fatwa Against Munir : असीम मुनीर के ‘सी. डी. एफ.’ (CDF) पद को इस्लाम विरोधी बताने का पाकिस्तानी मौलवी (मुफ्तियों) का अधिकार पूर्वक कथन

(‘सी. डी. एफ.’ का अर्थ ‘चीफ ऑफ डिफेंस फोर्सेस’ अर्थात तीनों सैन्य बलों के प्रमुख)
(‘मुफ्ती’ का अर्थ शरीयत कानून के अनुसार न्याय-निर्णय करने वाला)

इस्लामाबाद – असीम मुनीर के बढते प्रभाव के कारण पाकिस्तान के राजनीतिक और धार्मिक क्षेत्रों में असंतोष बढ गया है । असीम मुनीर के सी. डी. एफ. बनने के बाद प्राप्त व्यापक सत्ता को फजलुर्रहमान के ‘जमियत उलेमा ए इस्लाम फजल’ (जे यू आई एफ) इस दल से जुडे मुफ्ती तकी उस्मानी ने चुनौती दी है । मुफ्ती तकी ने कहा है कि ‘सत्ताईसवें संविधान संशोधन के माध्यम से असीम मुनीर को आजीवन दिए गए अधिकार इस्लाम के मानदंडों के अनुसार स्वीकार्य नहीं हैं !’ उन्होंने मुनीर को मिली सत्ता को इस्लामी दृष्टिकोण से इस्लाम विरोधी ठहराया है । इस दल ने प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की भूमिका को लेकर भी असंतोष व्यक्त किया है ।

असीम मुनीर के ‘सी. डी. एफ.’ बनने के बाद उन्हें संवैधानिक संरक्षण का मार्ग खुल गया है । पद पर रहते हुए किए गए कार्यों के लिए उनके विरुद्ध आजीवन आपराधिक कृत्य (मामले या दीवानी) कार्यवाही नहीं की जा सकती । ‘जे यू आई एफ’ दल ने शहबाज शरीफ सरकार पर असीम मुनीर को आजीवन छूट देकर कुरान के सिद्धांतों का उल्लंघन करने का आरोप लगाया है ।