सनातन राष्ट्र शंखनाद महोत्सव देहली २०२५
सनातन राष्ट्र स्थापना के संकल्प के साथ ‘सनातन राष्ट्र शंखनाद महोत्सव’ का अविस्मरणीय समापन !

भारत मंडपम्, देहली (वार्ता.) – सनातन संस्था के रजत जयंती वर्ष में आयोजित हो रहा ‘सनातन राष्ट्र शंखनाद महोत्सव’ हिन्दुओं के लिए अमूल्य है । जिस पद्धति से सनातन संस्था हिन्दू जागृति का कार्य कर रही है, वह अत्यंत अनुकरणीय एवं उत्साहवर्धक है । सनातन संस्था के साधकों का त्याग देखते हुए मुझे विश्वास है कि यह संस्था भावी सशक्त राष्ट्रनिर्माण के कार्य में बडा योगदान देगी, ऐसा प्रतिपादन केंद्रीय ऊर्जा राज्यमंत्री श्री. श्रीपाद नाइक ने किया । वह ‘सनातन राष्ट्र शंखनाद महोत्सव’ के दूसरे दिन के ‘सनातन राष्ट्र संकल्प संतसभा’ नामक समापन सत्र में बोल रहे थे । अत्यंत उत्साहपूर्ण वातावरण में एवं छत्रपति शिवाजी महाराज के जयघोष के साथ सनातन राष्ट्र की संस्थापना का दृढ संकल्प लेकर इस महोत्सव का अविस्मरणीय समापन हुआ ।

इस सत्र में निम्नलिखित गणमान्य व्यक्ति सम्मिलित हुए थे :
छत्तीसगढ स्थित शदाणी दरबार के नौवें पीठाधीश्वर प.पू. युधिष्ठिरलालजी महाराजजी, विश्व हिन्दू परिषद के महामंत्री श्री विज्ञानानंद स्वामीजी, ‘पावन चिंतनधारा आश्रम’ के संस्थापक पू. पवन सिन्हाजी, हिन्दू जनजागृति समिति के राष्ट्रीय प्रवक्ता श्री. रमेश शिंदेजी
मंच पर ‘सेव कल्चर सेव भारत फाउंडेशन’ के संस्थापक एवं पूर्व सूचना आयुक्त श्री. उदय माहुरकर, सनातन संस्था के धर्मप्रचारक सदगुरु नीलेश सिंगबाळजी, सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. आठवलेजी की आध्यात्मिक उत्तराधिकारिणी श्रीसत्शक्ति (श्रीमती) बिंदा सिंगबाळजी एवं श्रीचित्शक्ति (श्रीमती) अंजली गाडगीळजी उपस्थित थीं ।
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