Terrorist Doctor Arrested : जिहादी आतंकवादी, एक चिकित्सक, सहारनपुर (उत्तर प्रदेश) से बंदी बनाया गया

चिकित्सालयमें शस्त्र छिपाए गए थे

श्रीनगर (जम्मू और कश्मीर) – जम्मू-कश्मीर पुलिस ने जिहादी डॉक्टर आदिल अहमद राथर को बंदी बनाया लिया है, जो आतंकवादी संगठन ‘जैश-ए-मोहम्मद’ के कपट-जाल को पुन: से सक्रिय करने का प्रयत्न कर रहा था । वह कुछ महीनों से उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में अंबाला मार्ग स्थित एक निजी चिकित्सालय में कार्य कर रहा था और अभी कुछ समय पूर्व ही उसने वहीं एक महिला चिकित्सक से विवाह किया था । उसे सहारनपुर से ही बंदी बनाया गया । आदिल मूल रूप से काजीगुंड का रहने वाला है और इससे पहले अनंतनाग (जम्मू एवं कश्मीर) स्थित सरकारी चिकित्सा महाविद्यालय में ज्येष्ठ निवासी चिकित्सक के पद पर कार्यरत था ।

चिकित्सालय बना आतंकियों का अड्डा

आदिल जिस चिकित्सालय में कार्य करता था, वहां उसने आतंकियों को ठिकाना उपलब्ध कराया था । वह चिकित्सालय में शस्त्र छिपाकर आतंकी गतिविधियों में सहायता करता था । पुलिस ने चिकित्सालय के सुरक्षा कपाट से एक त्वरित आक्रमण करने वाली बंदूक (असॉल्ट राइफल) तथा कुछ संदिग्ध सामग्री हस्तगत की है ।

जैश कपट-जाल को पुन:से स्थापित करने की योजना

आदिल कश्मीर घाटी में जैश-ए-मोहम्मद कपट-जाल को पुन: स्थापित करने की योजना बना रहा था । वह अपने साथियों के साथ श्रीनगर के नौगाम भाग में जैश के फलक लगाने में भी सम्मिलित था । ये फलक लगाने के उपरांत, पुलिस ने परिसर में सी.सी.टी.वी. चित्रीकरण की जांच की तथा ६ लोगों को बंदी बनाया । उसमें एक चिकित्सक भी सम्मिलित था जो सांकेतिक नामों के माध्यम से अपने कपट जाल के अन्य लोगों से संपर्क करता था । इसी जानकारी के आधार पर पुलिस ने सहारनपुर में छापा मारकर आदिल को बंदी बनाया लिया । इस प्रकरण में अब तक ८ लोगों को बंदी बनाया जा चुका है और पुलिस अब यह शोध करने का प्रयत्न कर रही है, कि आदिल के संपर्क में और कौन-कौन लोग थे एवं जैश की पुनर्स्थापना में उनकी क्या भूमिका थी ।

संपादकीय भूमिका

मुसलमान अशिक्षित होने के कारण आतंकवाद की ओर प्रेरित होते हैं, ऐसा कहने वाले इस संबंध में कुछ बोलेंगे क्या ?