बांग्लादेश ने भारत से निष्पक्ष जांच की मांग की ।

अगरतला (त्रिपुरा) – त्रिपुरा के बिद्याबिल गांव में 15 अक्टूबर को स्थानीय ग्रामीणों के साथ संघर्ष में ३ बांग्लादेशी गौ-तस्कर मारे गए। बांग्लादेश सरकार ने कहा है, ‘यह मानवाधिकारों का उल्लंघन है। भारत को दोषियों को दंड देना चाहिए । प्रत्येक व्यक्ति को, चाहे उसकी राष्ट्रीयता कुछ भी हो, संरक्षित किया जाना चाहिए ।’ इस पर भारत के विदेश मंत्रालय ने कहा कि ‘तीनों ने मवेशी चुराने का प्रयास किया तथा एक झडप में मारे गए ।’ भारत ने सीमा पार तस्करी को रोकने के लिए बाड लगाने में सहायता करने का बांग्लादेश से आह्वान किया है ।
🔱 Every Inch of Bharat Will Be Defended – Even by Her Villagers!
🇮🇳⚔️ A group of Bangladeshi cow smugglers crossed into India near Bidyabil village in Tripura & attacked locals with iron rods & knives, killing one villager.
As villagers fought back, 3 smugglers were killed.… pic.twitter.com/1wx6ozoxn8
— Sanatan Prabhat (@SanatanPrabhat) October 18, 2025
गौ-तस्करों ने ग्रामीणों पर हथियारों से आक्रमण किया, जिसके प्रत्युत्तर में तस्कर मारे गए ।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि यह घटना त्रिपुरा में भारत-बांग्लादेश सीमा से लगभग ३ किलोमीटर की परिधि में हुई । इन बांग्लादेशी तस्करों ने सीमा पार करके बिद्याबिल गांव में मवेशी चुराने का प्रयास किया । उन्होंने स्थानीय ग्रामीणों पर लोहे के हथियारों एवं चाकुओं से आक्रमण किया। इसमें एक ग्रामीण की मृत्यु हो गई तथा अन्य घायल हो गए । ग्रामीणों ने प्रत्युत्तर देते हुए तीनों तस्करों को पकड लिया । इस झडप में दो की घटना स्थल पर ही एवं तीसरे की चिकित्सालय (अस्पताल) में मृत्यु हो गई। तीनों शवों को बांग्लादेश को लौटा दिया गया है एवं पुलिस ने प्रकरण प्रविष्ट कर लिया है ।
संपादकीय भूमिका
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