निजी बस किराया में वृद्धि के कारण हो रही यात्रियों की लूट को रोकने के लिए केंद्रीय नियामक प्राधिकरण की स्थापना करें !

सुराज्य अभियान की केंद्र सरकार से मांग

मुंबई – त्योहारों के समय में निजी बस सेवा प्रदान करने वाले मध्यस्तों एवं एग्रीगेटर ऐप्स (ऑनलाइन टिकट विक्रेता, जैसे रेड बस) द्वारा यात्रियों की लूट को रोकने के लिए सुराज्य अभियान ने केंद्र सरकार से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है । इस संबंध में अभियान के महाराष्ट्र समन्वयक अभिषेक मुरुकटे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित ६ केंद्रीय मंत्रियों को एक ज्ञापन सौंपा है । सुराज्य अभियान ने ज्ञापन में मांग की है, कि इस लूट को रोकने के लिए एक केंद्रीय नियामक प्राधिकरण की स्थापना की जाए । इन मांगों का ज्ञापन केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, उपभोक्ता विषयों, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री प्रह्लाद जोशी, सडक परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी, पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव को भी सौंपा गया है ।

सुराज्य अभियान ने ज्ञापन में कहा कि,

१. दिवाली एवं अन्य त्योहारों, चुनावों, विद्यालयों की छुट्टियों के काल में, निजी बस भाडे में ३ से ५ गुना वृद्धि की जाती है । निजी बस भाडे पर कोई सरकारी नियंत्रण नहीं है । रेड बस जैसे ऐप्स यात्रियों से टिकट के नाम पर भारी मात्रा में धन वसूलते हैं; ऐसा इसलिए होता है क्योंकि इन्हें नियंत्रित करने के लिए कोई कानून ही नहीं हैं, जिसके फलस्वरूप यह लूट निरंतर हो रही है ।

२. केंद्र सरकार को बस भाडा सीमा, ऐप एग्रीगेटर्स की अनुज्ञप्ति एवं उनके प्रबंधन के लिए एक राष्ट्रीय कानून बनाना चाहिए ।

संपादकीय भूमिका

वास्तव में ऐसी मांग करने की आवश्यकता ही किसी राष्ट्र प्रेमी संगठन को नहीं आनी चाहिए । सरकार से अपेक्षा की जाती है कि वह स्वयं कार्रवाई करे !